नैसकॉम को जमीन देगी राज्य सरकार

– आइटी मंत्री अमित मित्र ने राज्य में निवेश बढ़ाने की अपील की कोलकाता : राज्य सरकार ने आइटी उद्योग से जुड़ी संस्था नैसकॉम को इनक्यूबेशन सेंटर के लिए जमीन देने का प्रस्ताव दिया है. राज्य के आइटी मंत्री अमित मित्र ने नैसकॉम प्रोडक्ट कॉनक्लेव के उद्घाटन अवसर पर कहा कि उन लोगों ने सॉल्टलेक […]

– आइटी मंत्री अमित मित्र ने राज्य में निवेश बढ़ाने की अपील की

कोलकाता : राज्य सरकार ने आइटी उद्योग से जुड़ी संस्था नैसकॉम को इनक्यूबेशन सेंटर के लिए जमीन देने का प्रस्ताव दिया है. राज्य के आइटी मंत्री अमित मित्र ने नैसकॉम प्रोडक्ट कॉनक्लेव के उद्घाटन अवसर पर कहा कि उन लोगों ने सॉल्टलेक के वेबल कार्यालय में दस हजार वर्ग फीट का जगह देने का प्रस्ताव दिया है. इस जगह पर इनक्यूबेशन सेंटर बनाये जाने का प्रस्ताव है. श्री मित्र ने कहा कि नैसकॉम के साथ माइक्रोसॉफ्ट भी महानगर में सेंटर ऑफ एक्सेलेंस तथा इनोवेशन सेंटर शुरू करने को लेकर इच्छा जतायी है.

बेंगलुरु के बाद नैसकॉम का यह दूसरा सेंटर होगा. श्री मित्र ने कहा कि राज्य सरकार सेंटर में विकसित होने वाले उत्पाद की हर दृष्टि से रक्षा करेगी. वह नैसकॉम से आग्रह करते हैं कि वे निवेशकों को लायें, तो राज्य में व्यवसायियों को वित्तीय मदद दे सके. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में आइटी की कई बड़ी कंपनियां काम कर रही हैं. इसके अतिरिक्त छोटे व मध्यम स्तर की भी कंपनियां हैं. मध्यम व छोटी कंपनियां भी मूल्यवान हैं. बाद में नैसकॉम के अध्यक्ष आर चंद्रशेखर ने पत्रकारों को बताया कि नैसकॉम राज्य में निवेशकों को लाने की कोशिश करेगी.

जूट उत्पादों की खपत बढ़ाने की मांग

केंद्र सरकार से आग्रह करेगी राज्य सरकार

कोलकाता : जूट उद्योग की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र सरकार की भूमिका अहम है. इसलिए बंगाल की जूट मिलों की समस्याओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र के साथ मिल कर कार्य करने का फैसला किया है. शुक्रवार को राज्य के श्रम मंत्री मलय घटक ने राज्य सचिवालय नवान्न में जूट मिल के मालिक पक्ष के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. बैठक के दौरान श्रम मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं से अवगत है और इसके समाधान के लिए वह हर संभव कदम उठाने को तैयार है.

मिल मालिकों ने श्रम मंत्री से कहा कि जूट मिल के श्रमिकों का वेतन व बिजली का खर्च लगातार बढ़ रहा है और साथ ही जूट उत्पादों की मांग कम होती जा रही है. ऐसे में कारखाना में उत्पादन जारी रखने में काफी समस्या हो रही है. पिछले चार महीने से अस्थायी रूप से जूट के बैग की मांग में गिरावट आयी है, जिसकी वजह से जूट उद्योगों में उत्पादन कम हो रहा है.

इस संबंध में श्रम मंत्री मलय घटक ने प्रबंधकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जूट उद्योग की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार बहुत जल्द केंद्र सरकार के साथ बैठक करेगी. गौरतलब है कि जूट उद्योग पर करीब 2.5 लाख लोगों का जीवन निर्भर है, लेकिन पिछले तीन महीने से यहां अस्थायी रूप से जूट बैग की मांग में काफी गिरावट आयी है, जिसके कारण जूट बैग बनाने वाली कंपनियों को काफी परेशानी हो रही है. केंद्र सरकार इन कंपनियों से बैग नहीं खरीद रही है. इसकी वजह से कंपनियां यहां उत्पादन बढ़ाने के पक्ष में नहीं है.

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