कोलकाता: वाममोरचा सरकार को हिला कर रख देने वाले बहुचर्चित रिजवानुर रहमान मामले के मुख्य आरोपी तत्कालीन डीसी (हेडक्वार्टर) ज्ञानवंत सिंह को राज्य सरकार द्वारा क्लीनचिट दिये जाने के फैसले से हर कोई हैरान है.
कल तक जिस ज्ञानवंत सिंह को तृणमूल कांग्रेस और उसके नेता सूली पर चढ़ा देना चाहते थे, उसी ज्ञानवंत सिंह के न सिर्फ सब गुनाह माफ कर दिये गये, बल्कि तृणमूल सरकार उन्हें प्रमोशन देकर मुर्शिदाबाद का डीआइजी बना कर भेज रही है. ममता बनर्जी सरकार के इस फैसले से रिजवानुर रहमान का परिवार तो जैसे आसाम से नीचे गिर पड़ा है.
रिजवान के परिवार को यकीन नहीं हो रहा है कि उनकी प्रिय दीदी ममता बनर्जी की सरकार ने उस ज्ञानवंत सिंह को प्रमोशन दे कर डीआइजी बनाने का फैसला किया है, जिसने उनके प्यारे रिजवान का जीना दूभर कर दिया था. राज्य सरकार के इस फैसले से हतप्रभ रिजवान की मां किश्वर जहां ने तो यहां तक कह दिया है कि सत्ता में आने के बाद तृणमूल नेत्री सब कुछ भूल गयी हैं. रिजवान के बड़े भाई एवं तृणमूल विधायक रुकबानुर रहमान ने राज्य सरकार के इस फैसले पर कहा कि वह सत्तारुढ़ दल के विधायक हैं, इसलिए सरकार के फैसले के खिलाफ बोलना संभव नहीं है.
सरकार के विधायक के रुप में वह इतना कह सकते हैं कि सरकार ने नियम के अनुसार ही फैसला लिया होगा. सबूत नहीं मिलने पर ही ज्ञानवंत सिंह को क्लीन चिट दिया गया होगा, पर एक भाई होने के नाते वह मुख्यमंत्री से यह जरूर जानना चाहेंगे कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. ज्ञानवंत सिंह सीधे मेरे भाई के मामले से जुड़े हुए थे. उसने मेरे भाई को लाल बाजार बुलवा कर धमकाया भी था. रिजवान के चाचा अकीलुर रहमान ने राज्य सरकार के इस कदम पर कहा कि जिस व्यक्ति के कारण आज उनका भतीजा इस दुनिया में नहीं है, उसे प्रमोशन दे कर सरकार ने ठीक नहीं किया है. कल तक तो मुख्यमंत्री ज्ञानवंत सिंह से नाराज थीं, आज ऐसा क्या हो गया कि उस पर लगे सारे आरोप हटा लिये गये. सरकार के इस फैसले से इंसाफ की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गयी.
