रैफ, कमांडों उतारे गये इलाके में, लगाये गये पुलिस के अस्थायी शिविर
पुलिस के वरीय अधिकारियों ने किया इलाके का मुआयना, संदिग्धों पर नजर
आसनसोल : आसनसोल साउथ थाना अंतर्गत दिलदारनगर स्वीपर कॉलोनी में ईद मिलन समारोह के दौरान मामूली विवाद को लेकर हुए गुटीय संघर्ष के बाद स्थिति के तनाव को देखते हुए कमीश्नरेट पुलिस ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी है. पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के गोलबंद होने पर प्रतिबंध है. इसके पहले घटना के बाद से ही पूरी रात चली छापेमारी अभियान में पुलिस ने दोनों पक्षों से 25 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
इनमें से दोनों पक्षों से दो-दो आरोपी कुल चार को पुलिस रिमांड पर लिया गया है. घटना में घायल आठ लोगों को आसनसोल जिला अस्पताल में भरती किया गया. सात को प्राथमिक चिकित्सा के बाद रात में छोड़ दिया गया. आठवें बसन खां को गुरूवार को रिलीज किया गया. घटना के बाद पुलिस कार्रवाई और आतंक से कई परिवारों की महिलाएं और बच्चे अपने-अपने रिश्तेदारों के घर चले गये हैं.
क्या है मामले का फ्लैश बैक
दिलदारनगर स्वीपर कॉलोनी के निवासियों ने कहा कि बुधवार की संध्या शिव मंदिर के पास ही मस्जिद के निकट ईद मिलन समारोह चल रहा था. दूध और सेवाइयां बांटी जा रही थी. मंदिर के पास कुछ स्थानीय युवक बैठे थे. अचानक स्वीपर कॉलोनी के कुछ युवकों तथा आयोजकों में विवाद हो गया. कुछ ही देर में दोनों पक्षों में गोलबंदी हो गई. धक्का मुक्की के बाद मारपीट शुरू हो गई. तनाव बढ़ते ही दोनों पक्ष अपने-अपने इलाके में चले गये और भारी पथराव शुरू हो गया. कुछ उपद्रवियों ने पांच ऑटो, एक पिकअप वैन और एक टाटा मैजिक वाहन में आग लगा दी. इसी बीच फायरिंग भी हुई.
पुलिस अधिकारी तत्काल पहुंचे घटनास्थल पर
आसनसोल साउथ थाना से भारी संख्या में पुलिस बल दिलदारनगर स्वीपर कॉलोनी शिव मंदिर के निकट पहुंचा. आगजनी और पत्थरबाजी में शामिल लोगों को चेतावनी देने के बाद भी कोई पक्ष पीछे नहीं हट रहा था. पुलिस ने आंसू गैस के तीन गोले दागे और लाठी चार्ज किया. इसके बाद उपद्रवियों में भगदड़ मच गयी. कमिश्नरेट ऑफिस से रैफ तथा कमांडो दस्ते इलाके में उतर गये. पुलिस ने मस्जिद, शिवमंदिर, स्वीपर कॉलोनी, रेंगानियापाड़ा इलाके की गलियों में मार्च किया और लोगों को अपने-अपने घरों में जाने की चेतावनी दी. इसके बाद टकराव शांत हो गया.
पुलिस कैंप की अस्थायी तैनाती
घटना को देखते हुए स्वीपर कॉलोनी, शिवमंदिर, मस्जिद के निकट, दिलदारनगर मोड़, रेंगानियापाड़ा में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिये गये. प्रमुख चौराहों और गलियों में रैफ और कमांडो दस्ते के पिकेट बैठा दिये गये. पुलिस ने रातभर छापेमारी अभियान चला कर दोनों पक्षों से 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया.
इकतरफा कार्रवाई का आरोप पुलिस पर
दिलदारनगर स्वीपर कॉलोनी के निवासियों ने हिंसा और आगजनी के बाद पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताया. प्रकाश हरिजन, उमेश हरिजन, संजय हांडी, बदरी हाड़ी, हरिया हरिजन आदि ने कहा कि पुलिस उन्हीं लोगों पर ही कार्रवाई कर रही है. उन्होंने महिलाओं और बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है. पुलिस ने घर से युवकों को गिरफ्तार किया. महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई. जया यादव ने कहा कि उसके पति राजन यादव घटना के समय ड्यूटी पर थे. पुलिस उन्हें उठाकर ले गयी. गौरी देवी हरिजन ने कहा कि उनके दो बच्चों बिट्टू और विक्की को पुलिस जबरन ले गई. रवि हांडी, प्रितम हरिजन, प्रमिला देवी, चंपा देवी ने कहा कि वे खाना नहीं खा पा रहे हैं. भय का माहौल है.
स्थानीय पार्षद भृगु ठाकुर ने की निंदा
स्थानीय पार्षद भृगु ठाकुर ने घटना को निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि अगर किसी बात को लेकर किसी को आपत्ति थी या किसी ने कोई अपशब्द कह दिया था तो दोनों पक्षों के लोग आपस में मिल-बैठ कर इसे सुलझा सकते थे. उन्होंने इलाके में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की. गुरूवार की सुबह इलाके का मुआयना किया और दोनों पक्षों के लोगों के साथ बातचीत कर इलाके में शांति और भाईचारा बनाये रखने की अपील की.
