अंतरराष्ट्रीय पशु तस्कर गिरोह का पर्दाफाश
बांग्लादेश से मुंबई तस्करी को ले जाये जा रहे थे तीन लंगूर और एक शावक
बांग्लादेश-बनगांव-बर्दवान होकर मुंबई तस्करी की थी योजना
कोलकाता में पहली बार शावक तस्करी का मामला
कोलकाता : बांग्लादेश से बनगांव होकर मुंबई तस्करी को ले जाये जा रहे विरल प्रजाति के तीन लंगूरों और एक शावक के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल सेल की टीम ने संयुक्त रूप से गुप्त सूचना के आधार पर अभियान चलाते हुए अंतरराष्ट्रीय पशु तस्कर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बेलघरिया एक्सप्रेस-वे पर पिंजरे में बंद एक शावक और तीन विरल प्रजाति के लंगूरों को कार से ले जा रहे तीन तस्करों को गिरफ्तार किया. उनके पास से जानवरों को मुक्त करा कर वन विभाग की ओर से उनकी स्वास्थ्य जांच के बाद अलीपुर चिड़ियाखाना भेज दिया गया.
क्या है घटना :
वन विभाग सूत्रों के मुताबिक, घटना शुक्रवार देर रात दो बजे की है. गिरफ्तार तीनों तस्करों के नाम वसीम रहमान (29), वाजिद अली (36) और मोहम्मद गुलाम गौस (27) हैं. कुछ दिनों से वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल सेल की टीम को एक बड़े पशु तस्कर गिरोह के बारे में गुप्त सूचना मिल रही थी, जो बांग्लादेश से बनगांव होकर दक्षिण भारत में विरल पशुओं की सप्लाई करनेवाला था. इसके बाद तय समय पर संयुक्त टीम पहले ही बेलघरिया एक्सप्रेस-वे पर पहुंच चुकी थी.
जैसे ही एक्सप्रेस-वे पर एक संदिग्ध वाहन (स्कार्पियो) गुजरी, तो अधिकारियों को संदेह हुआ और उस गाड़ी का कुछ दूर तक पीछा किया. जब टीम ने गाड़ी रुकवाकर तलाशी ली, तो उसके अंदर पिजरे में बंद तीन विरल प्रजाति के लंगूर और एक शावक मिला. तुरंत चालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.
बनगांव-बर्दवान होकर मुंबई तस्करी की थी योजना :
शुरुआती जांच में पता चला है कि इन जानवरों को बांग्लादेश से लाया गया था. इन्हें मुंबई ले जाने की योजना थी. बांग्लादेश से बनगांव के रास्ते सीमा पार करके तस्कर गिरोह इन जानवरों को लेकर बंगाल सीमा में प्रवेश कर बेलघरिया एक्सप्रेस वे के जरिये बर्दवान होते हुए मुंबई ले जानेवाले थे. लेकिन इसके पहले ही दबोच लिया गया.
हर गंतव्य पर बदलते थे हैंड :
वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि महानगर में यह पहली घटना है. इस तस्कर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पता लगाया जा रहा है. प्राथमिक जांच में पता चला है कि सिर्फ एक बार नहीं बल्कि तस्करी के दौरान यह गिरोह के लोग हर निर्धारित गंतव्य के बाद बार-बार हैंड बदलते रहते थे, ताकि मुख्य गिरोह का पता नहीं चल सके. एक हैंड से दूसरे हैंड को कब सौंपना है, इसकी जानकारी ले जानेवाले को फोन नंबर पर फोन करके जानना पड़ता था. वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल सेल की टीम गिरफ्तार तीनों से उनके अन्य सदस्यों के बारे में पता लगा रही है.
गिरफ्तार तीनों के जरिये मुख्य सरगना की तलाश :
वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के इस्टर्न रिजन के वरिष्ठ अधिकारी अग्नि मित्रा ने बताया कि गिरफ्तार तीनों से प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये रिसिविंग और ट्रांसपोर्ट करने की भूमिका में थे. इनके जरिये गिरोह के मुख्य सरगना को दबोचने का प्रयास किया जा रहा है. इधर, सूत्रों से जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अवैध तरीके से एक लंगूर की कीमत करीब पांच लाख से लेकर 10 लाख रुपये के करीब है. एक शावक की कीमत करीब 30 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक है.
तस्करों को जमानत मिलने के खिलाफ हाइकोर्ट में जायेगी वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो
पशु तस्करी मामले में गिरफ्तार तीनों को शनिवार को बैरकपुर अदालत में पेश किया गया. तीनों को कोर्ट से जमानत मिलने के कारण वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने हाइकोर्ट में जाने का फैसला किया है. वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी ने बताया कि जमानत होने से गिरोह के मुख्य सरगना को पकड़ने में दिक्कतें होंगी, जिस कारण से जमानत रोकने व हिरासत की अवधि के लिए वे हाइकोर्ट में जायेंगे.
