कोलकाता/ सालबनी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार केंद्र सरकार से वाममोरचा कार्यकाल के दौरान लिये गये ऋण के ब्याज को कम से कम तीन वर्ष के लिए माफ करने की मांग की है.
सोमवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार ने रेलवे और आम बजट में कुछ भी मांग नहीं की थी, लेकिन ऋण के ब्याज दर को कम करने की मांग राज्य सरकार यूपीए के समय से करती आयी है. उन्होंने कहा कि केंद्र में एक नयी सरकार आयी है. हम चाहते हैं कि यह सरकार ऋण पर ब्याज भुगतान में छूट दें.
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो हम इसे लेकर केंद्र के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करेंगे. उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि उनकी सरकार पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लिये गये भारी कर्ज का भुगतान क्यों करे. उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्ष में ऋण भुगतान के एवज में राज्य के खजाने से एक लाख करोड़ रुपये चले गये हैं. प्रत्येक वर्ष इस राशि में बढ़ोतरी हो रही है. उन्होंने कहा कि धनराशि की कमी से विकास कार्यो को आगे बढ़ाने में परेशानी हो रही है.
राज्य के कर्ज के भुगतान में तीन वर्ष के स्थगन की मांग को लेकर पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के साथ कई बैठकों के बावजूद तृणमूल कांग्रेस सरकार कोई भी भरोसा प्राप्त करने में असफल रही है. पूर्व भाजपा अध्यक्ष एवं वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां गत फरवरी में एक रैली के दौरान माकपा पर पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को कंगाली की हालत में पहुंचाने का आरोप लगाया था और ममता के भुगतान पर स्थगन की मांग का समर्थन किया था. उन्होंने तत्कालीन संप्रग सरकार से भी मांग स्वीकार करने की अपील की थी.
व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर जायेंगी ममता : मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद ममता बनर्जी अपनी पहली विदेश यात्र पर व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर जायेंगी. वह मई 2011 में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थीं. उनकी इस पहली विदेश यात्र का उद्देश्य राज्य के लिए निवेश आकर्षित करना है. मुख्यमंत्री ने आज इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह विभिन्न चेंबरों के प्रतिनिधियों के साथ सिंगापुर यात्रा पर जायेंगी. उनकी इस यात्र का मकसद राज्य के लिए विदेशी निवेश लाना है. उन्होंने बताया कि मेदिनीपुर जिले को पहले ही 40,000 करोड़ रुपये का निवेश मिल चुका है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में भारी निवेश आकर्षित करने की क्षमता है.
