सुदीप्त व देबजानी ने मंत्रियों-नेताओं को रुपये देने की बात स्वीकारी

कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाला जब से प्रकाश में आया है, तब से इसमें कुछ बेहद प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की चर्चा होती रही है. राज्य के इस सबसे बड़े घोटाले में एक सांसद जेल की हवा भी खा रहे हैं. पहली बार इस गोरखधंधे के मास्टर माइंड सुदीप्त सेन व उसकी करीबी देबयानी मुखर्जी […]

कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाला जब से प्रकाश में आया है, तब से इसमें कुछ बेहद प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की चर्चा होती रही है. राज्य के इस सबसे बड़े घोटाले में एक सांसद जेल की हवा भी खा रहे हैं. पहली बार इस गोरखधंधे के मास्टर माइंड सुदीप्त सेन व उसकी करीबी देबयानी मुखर्जी ने सीबीआइ के सामने पूछताछ में राज्य के कुछ मंत्रियों व नेताओं को रुपये देने की बात स्वीकार की है.

सुदीप्त सेन व देबयानी मुखर्जी ने सीबीआइ को बताया है किस तरह कुछ बेहद प्रभावशाली लोग उनसे करोड़ों रुपये ले चुके हैं. सीबीआइ सूत्रों के अनुसार मंत्री व नेता दो तरह से उन लोगों से पैसे वसूलते थे. पूछताछ में सुदीप्त व देवयानी ने सीबीआइ को बताया है कि कुछ नेता व मंत्री सीधे सुदीप्त सेन को डरा-धमका कर रुपये लेते थे. वह लोग सुदीप्त के पास आ कर कहते थे कि सारधा ग्रुप अवैध रुप से काम कर रहा है.

अगर उन्हें रुपये नहीं मिले तो वह सब कुछ दुनिया के सामने खोल कर रख देंगे. वहीं दूसरी श्रेणी में वैसे मंत्रियों व नेताओं के नाम इन दोनों ने सीबीआइ को बताया है, जो इनके पास नहीं आते थे, बल्कि यह लोग स्वयं उनके पास जाते थे. सुदीप्त सेन उनके पास जा कर रिजर्व बैंक का मामला देखने का आवेदन करता था. आश्वासन के एवज में वह उन मंत्रियों व नेताओं को करोड़ों रुपये देता था. सूत्रों के अनुसार सुदीप्त सेन व देवयानी से पूछताछ के आधार पर सीबीआइ ने आठ से दस नेताओं व मंत्रियों की एक तालिका तैयार की है. सीबीआइ उनके खिलाफ और सबूत तलाश कर रही है. सबूत मिलने पर इन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया जायेगा.

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