बराकर फांड़ी प्रभारी ने दर्ज करायी है शिकायत, 18 आरोपी नामजद
आसनसोल महकमा इलाके में इंटरनेट सेवा पर रोक लगायी प्रशासन ने
आसनसोल/ बराकर : बराकर में सोमवार की शाम को दो गुटों में हुई झड़प में पुलिस ने 10 आरोपियों बीरू बाउरी, राजा गुहा, अमर सिंह, आदित्य नारायण शर्मा, मोहम्मद शागीर, टिंकू रविदास, महफूज खान, मोहम्मद शाहिद गनी, गुलाम सरवर और मोहम्मद शकील अहमद को गिरफ्तार कर मंगलवार को आसनसोल जिला अदालत में सीजेएम के समक्ष पेश किया.
सीजेएम संदीप चक्रवर्ती ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका रद्द कर 30 अप्रैल तक के लिए सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस ने इन पर आईपीसी की धारा 147/148/149/ 186/332/324/325 /326/307/427/436/ 506 तथा मेंटेनेस ऑफ पब्लिक आर्डर एमपीओ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. बराकर पुलिस फांड़ी के अवर निरीक्षक रविन्द्र नाथ दुलोई की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. श्री दुलोई ने अपनी शिकायत में लिखा है कि सोमवार को बराकर स्टेशन के पास 300 बाइकों की रैली रामनवमी पर निकली.
बराकर बाजार एरिया में दो गुटों के बीच नारेबाजी के बाद पथराव आरम्भ हो गया और पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. पुलिस वाहन में भी तोड़फोड़ की गई. एक स्कूटी को आग लगा दी गयी. पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ कुछ आम नागरिकों पर भी जानलेवा हमला हुआ. सरकारी कानून का उल्लंघन कर इलाके की शांति को नष्ट किया गया.
उन्होंने 18 लोगों को नामजद के साथ अन्य 150 लोगों को आरोपी बनाया है. जिसमें 10 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस शिकायत के आधार पर उक्त धाराओं के तहत आरोपियों पर मामला दर्ज कर उन्हें आसनसोल जिला अदालत में चालान किया गया.
इंटरनेट परिसेवा पर रोक लगी
बराकर में सोमवार को दो गुटों में हिंसक झड़प के बाद इसे अन्य इलाकों में फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने सोमवार की आधी रात से ही आसनसोल महकमा क्षेत्र में इंटरनेट परिसेवा बंद करने के लिए सभी सर्विस प्रोवाइडरों को पत्र जारी किया.
जिसके आधार पर मंगलवार की सुबह से ही आसनसोल महकमा क्षेत्र में इंटरनेट परिसेवा बंद हो गयी है. जिसकी आधिकारिक सूचना सभी सर्विस प्रोवाइडर कम्पनियों ने अपने उपभोक्ताओं को एसएमएस करके भेज दी है. पिछली बार रामनवमी के दौरान आसनसोल और रानीगंज में भड़की हिंसा के बाद से भी इंटरनेट परिसेवा सात दिनों तक बंद कर दी गयी थी.
प्रशासन का मानना है कि घटना की तस्वीरें सोशल साइट पर जारी होने से इसका असर दूसरे जगहों पर भी पड़ सकता है. इसलिए सबसे पहला कार्य इंटरनेट परिसेवा को बंद कर दिया जाता है. जिलाशासक शशांक सेठी ने कहा कि बुधवार की सुबह स्थिति की समीक्षा के बाद इंटरनेट परिसेवा आरम्भ करने का निर्देश जारी कर दिया जायेगा. सूत्रों के अनुसार इलाके में स्थिति शांतिपूर्ण बनीं रही तो यह परिसेवा जल्द आरम्भ हो जायेगी वर्ना इसकी समय सीमा बढ़ सकती है.
