खाद्य सुरक्षा एक्ट के लिए तीन माह: पासवान

कोलकाता: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को तीन महीने का समय दिया है. अब तक देश के 11 राज्यों ने खाद्य सुरक्षा कानून को अपनाया है, जबकि बाकी राज्य अब भी इसे लागू करने पर विचार कर रहे हैं. यह जानकारी शनिवार को केंद्रीय खाद्य व […]

कोलकाता: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को तीन महीने का समय दिया है. अब तक देश के 11 राज्यों ने खाद्य सुरक्षा कानून को अपनाया है, जबकि बाकी राज्य अब भी इसे लागू करने पर विचार कर रहे हैं. यह जानकारी शनिवार को केंद्रीय खाद्य व आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने संवाददाता सम्मेलन में दी.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से केंद्र सरकार को लिखे गये पत्र के आधार पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक को लागू करने की समय सीमा को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है. हालांकि उन्होंने इसके लिए छह महीने का समय मांगा था. उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून को अपनानेवाले 11 राज्यों में से पांच ने इसे संपूर्ण रूप से, जबकि बाकी छह राज्यों ने आंशिक रूप से इसका अनुपालन किया है.

रामविलास पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक को लागू करने की अंतिम तिथि चार जुलाई है. बंगाल की सीएम ने इस समय-सीमा को छह माह के लिए बढ़ाने की मांग की थी. हमने इसे तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता करने को तैयार है, लेकिन केंद्र सरकार चाहती है कि इस अधिनियम को जनता के लिए पूरे देश में सही तरीके से लागू किया जाये. उन्होंने कहा कि जब तक यह कानून संपूर्ण रूप से लागू नहीं होता है, तब तक बीपीएल कार्डधारकों के लिए अनाज पर सब्सिडी देने की प्रक्रिया जारी रहेगी.

उन्होंने बताया कि इस संबंध में 26 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बैठक हुई थी, जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट को लागू करने के लिए सभी राज्य सरकारों को तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है. यह कानून लागू होने से देश की दो-तिहाई लोगों को सब्सिडी दर पर अनाज मुहैया कराया जा सकेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >