सिलीगुड़ी : लूटकांड के 12 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

सिलीगुड़ी : पुलिस कर्मचारी के घर हुई लूट कांड के 12 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. पीड़ित पुलिस कर्मचारी व उसकी पत्नी के बयान के आधार पर पुलिस ने हर मुमकिन कोशिश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला है. वारदात की सत्यता ही संदेह के घेरे में होने के बाद भी पुलिस […]

सिलीगुड़ी : पुलिस कर्मचारी के घर हुई लूट कांड के 12 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. पीड़ित पुलिस कर्मचारी व उसकी पत्नी के बयान के आधार पर पुलिस ने हर मुमकिन कोशिश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला है. वारदात की सत्यता ही संदेह के घेरे में होने के बाद भी पुलिस जांच में जुटी हुयी है.
यहां बता दें कि बीते 4 जनवरी को दोपहर सिलीगुड़ी नगर निगम के 4 नंबर वार्ड स्थित महानंदा पाड़ा निवासी पुलिस कर्मचारी संदीप उपाध्याय के घर में लूट का मामला सामने आया था. शिकायतकर्ता के अनुसार घर से डेढ़ लाख रूपए, सोने के गहने आदि की लूट हुयी थी.
लेकिन 12 दिन बाद भी वारदात की सत्यता ही नहीं साबित हो पायी है. इतने दिनों बाद भी अबतक किसी की गिरफ्तारी नहीं होने से रहस्य और बढ़ गया है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी के बयान में काफी असंगति पायी गयी है. बयान के मुताबिक कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है. आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस ने सबसे पहले घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया.
शिकायतकर्ता के बयान के मुताबिक वारदात के दिन घर में बदमाशों के प्रवेश करने या बाहर निकलने की कोई गतिविधि सीसीटीवी में कैद नहीं हुयी है. शिकायतकर्ता के अनुसार बदमाशों ने उनकी पत्नी से धारदार हथियार के नोक पर अल्मारी की चाबी निकलवायी और सारा माल समेट कर फरार हो गये.
पत्नी द्वारा आरोपियों की शक्ल-सूरत से जुड़ी दी गयी जानकारी के आधार पर पुलिस ने विशेषज्ञ से स्केच तैयार करवाया. लेकिन अभी तक स्केच वाले चेहरे का पता नहीं लग पाया है.
बीच में मामले की जांच सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट को सौंपा गया था लेकिन फिर बाद में जांच की जिम्मेदारी सिलीगुड़ी थाना पुलिस को ही दे दी गयी.जबकि यही सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस दो जिलों में हुयी सीरियल पेट्रोल पंप डकैती कांड के आरोपियों को 36 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने में सफल हुयी थी.
हांलाकि उस मामले में दार्जिलिंग जिला पुलिस व जलपाईगुड़ी जिला पुलिस का भी अहम योगदान रहा. बल्कि दार्जिलिंग व जलपाईगुड़ी स्थित एक के बाद एक कुल चार पेट्रोल पंप पर डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले डकैतों में से एक अभी तक पुलिस के राडार से दूर है. पेट्रोल पंप डकैती कांड में पुलिस की तत्परता देखकर पुलिस कर्मचारी के घर लूटकांड में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा करना भी उचित नहीं है.
लेकिन वारदात के 12 दिन बाद भी लूटेरों का कोई सुराग नहीं मिलने से सवाल खड़ा होने लगा है. शहरवासियों का कहना है कि जब पुलिस स्वयं अपनी सुरक्षा नहीं कर सकती तो नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कैसे उठायेगी. वहीं दूसरी ओर पुलिस कर्मचारी के घर लूट कांड का मामला भूमाफिया से भी जुड़ता नजर आया है.
शिकायतकर्ता संदीप उपाध्याय फूलबाड़ी स्थित आर्म्स पुलिस बल के डीआईजी के पर्सनल एसिस्टेंट है. साथ ही वह जमीनो की खरीद-बिक्री में मीडिएटर का भी काम करते हैं.
इस संबंध में सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के डीसीपी गौरव लाल ने बताया कि घटना की जांच जारी है. जांच प्रक्रिया पूरी होने के पहले कुछ भी कहना उचित नहीं है. पुलिस घटना को हर दिशाओं को टटोल रही है.

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