कोलकाता: प्रशिक्षण प्राप्त नहीं कर पाये शिक्षकों के लिए राज्य सरकार ने एनसीटीइ से और समय मांगा है. एनसीटीइ ने मार्च 2014 तक समय-सीमा निर्धारित किया था. राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने बुधवार को विधानसभा में शिक्षा बजट पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि चूंकि चुनाव आ गया था. इस कारण इस विषय पर ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन उनके विभाग ने शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए समय मांगा है. इसके साथ ही नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी से शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के पाठय़क्रम के लिए 29,000 सीट बढ़ाने का आवेदन किया है.
श्री चटर्जी ने विधानसभा में बताया कि राज्य सरकार सेल्फ फाइनेंसिंग कॉलेज के लिए नयी नीति बनायेगी. राज्य सरकार शिक्षा के पूरी तरह से वाणिज्यीकरण के पक्ष में नहीं है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि निजी संस्थानों में 10 फीसदी मैनेजमेंट का कोटा होता है.
इन कॉलेजों को मैनेजमेंट कोटा के समकक्ष ही मेधावी व गरीब छात्रों के लिए 10 फीसदी सीट आरक्षित रखनी होगी. इस तरह से गरीब व मेधावी छात्रों को क्रॉस सब्सिडी देनी होगी. इसके साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में श्री चटर्जी ने स्पष्ट कर दिया कि नियुक्ति में किसी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. इसमें पूरी तरह से पारदर्शिता रहेगी और कोई भी नियुक्ति पूरी तरह से मेरिट पर आधारित होगी. उन्होंने कॉलेजों में ऑनलाइन भरती के संबंध में कहा कि इस बार 75 कॉलेजों में ऑनलाइन भरती की व्यवस्था की गयी है. अन्य 519 कॉलेजों में यह सुविधा फिलहाल नहीं है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन भरती का निर्णय कॉलेज के आधार पर लिया जायेगा व छह माह का कॉलेजों को लक्ष्य दिया गया है कि वह ऑनलाइन भरती की मूलभूत व्यवस्था विकसित करे.
