बालुरघाट. बुजुर्ग माता-पिता के जीवित रहते हुए भी उनकी जमीन अपने नाम लिखाने के लिये हो रहे अमानवीय घटनाओं के बीच दक्षिण दिनाजपुर जिला सदर बालुरघाट से एक दिल को दहलाने वाली घटना सामने आयी है. यह घटना बीती रात बालुरघाट थानांतर्गत काशीपुर इलाके में घटी है. आरोप है कि जमीन अपने नाम कराने को लेकर राजी नहीं होने पर मंझले बेटे ने कमरे में बंद कर माता-पिता की बुरी तरह से पिटायी कर दी. घटना के बाद मौके पर पहुंची बालुरघाट थाना पुलिस ने दंपती को पुलिस वैन में जिला अस्पताल भिजवाया.
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व भी पीड़ित दंपती कामाख्या तालुकदार (70) और उनकी पत्नी मनोरमा तालुकदार (60) के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार हो चुका है. जानकारी के अनुसार बुजुर्ग दंपती की 38 डिसमिल आवासीय जमीन है, जबकि कृषि जमीन 98 डिसमिल है. इनके तीन बेटों में से सबसे छोटा बेटा बाहर काम करता है.
टैक्सी चालक मंझला बेटा तापस और राजमिस्त्री का काम करने वाला बड़ा बेटा कमल तालुकदार परिवार की पैतृक जमीन पर घर बनाकर रहते हैं. आरोप है कि सोमवार को मझले बेटे तापस ने माता-पिता को बुरी तरह से पीटा. इस दौरान बड़े बेटे ने उसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की. आरोप है कि खेती वाली 94 डेसिमिल जमीन को अपने नाम लिखाने के लिये ही अरसे से छोटा बेटा माता-पिता के साथ बदसलूकी करता था. सोमवार को तो उसने हैवानियत सीमा पार कर दी.
जानकारी मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जख्मी दंपती को पुलिस वैन में बालुरघाट जिला अस्पताल पहुंचाया. इस बीच दोनों बेटे फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है. पीड़िता मनोरमा तालुकदार ने बताया कि घटना के समय उनका छोटा और बड़ा बेटा उनके पास आया और उन्होंने उनसे खेती वाली जमीन अपने नाम लिखाने के लिये कहा. जब दंपती इसके लिये राजी नहीं हुए तो छोटे बेटे ने उनके कमरे में घुसकर सामान वगैरह को तहस-नहस करने के बाद उसने दोनों पर पैर से बुरी तरह मारा पीटा.
इसके पहले भी कई बार उनके साथ इस तरह की बदसलूकी की गयी है. इस संबंध में उन्होंने स्थानीय एक नेता से संपर्क किया तो उन्होंने बेटे का पक्ष लेते हुए जमीन लिख देने की सलाह दी. स्थानीय आरएसपी सदस्य अनुकूल दास ने कहा कि आज सुबह बुजुर्ग महिला उनके पास आयी थीं. उन्होंने मारपीट की बात बतायी थी. पारिवारिक मामला होने से उन्होंने मंगलवार को बातचीत का प्रस्ताव रखा है. थाने में शिकायत की बात उन्हें नहीं मालूम है.
