दुर्गापुर : दुर्गापुर थाना अंतर्गत गोपालमाठ इलाके में बुधवार की देर रात रहस्यमय तरीके से आग लग जाने से महिला वनलता घोष बुरी तरह झुलस गई. इलाज के लिये उसे विधाननगर अस्पताल भेजा गया है. गुरूवार सुबह उसके पति रतन घोष का जंगल में फंदे से झूलता शव देख कर इलाके के लोग अचंभित हो गये. सूचना पाकर वारिया फाड़ी की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
वनलता घोष का इलाज अस्पताल में चल रहा है, वहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. इलाके में मार्मिक घटना होने से इलाके के लोगों में है चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि पुलिस अभी तक मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर रही है. दबी जुबान लोगों का कहना है कि परिवारिक अशांति के कारण ही पति ने पहले पत्नी को किरासन तेल डालकर आग लगा दी एवं जंगल में जाकर खुद ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है.
जानकारी के अनुसार गोपालमाठ घोष पाड़ा निवासी रतन घोष की शादी वर्ष 2008 में शोभापुर निवासी वनलता घोष के साथ हुई थी. उनकी नौ वर्ष की एक कन्या संतान है. पति-पत्नी के बीच अक्सर ही छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होता था. बुधवार की रात करीब 11 बजे अचानक वनलता घोष की चीखने की आवाज सुन आसपास के लोगों की भीड़ घर के समक्ष जमा हो गई. लोगों ने देखा कि वनलता आग में बुरी तरह झुलस रही है.
परिवार वालों एवं स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाज के लिये वनलता को दुर्गापुर महकमा अस्पताल भेजा गया. गुरूवार सुबह जंगल में पति रतन घोष का फंदे से झूलता शव देख पुलिस को सूचना दी गयी. जेठानी चंदना घोष ने बताया कि रात में जख्मी वनलता को इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे. पूरी रात अस्पताल में रहने के बाद गुरूवार सुबह अस्पताल से घर पहुंचने पर देवर रतन की मौत की खबर सुनी.
दूसरी तरफ रतन घोष की नौ वर्षीय पुत्री ने बयान दिया कि कल शाम मां एवं पिता संग झगड़ा हुआ था. गुस्से में आकर पिताजी ने किरासन तेल मां के शरीर पर उड़ेलकर आग लगा दी है. थाना प्रभारी ने बताया कि अभी तक इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के बारे में पता चल पायेगा.
