कोलकाता: कोलकाता नगर निगम के इतिहास में मंगलवार को अजीबोगरीब दृश्य देखने को मिला. कांग्रेस के एक पार्षद ने मेयर पर कागज के टुकड़े फेंक मारे. निगम के मासिक अधिवेशन में कांग्रेस पार्षद प्रकाश उपाध्याय सारधा ग्रुप को निगम द्वारा जारी किये गये 47 लाइसेंस और लोहे को काटनेवाली आरी की खरीदारी में हुए कथित गोलमाल का मुद्दा उठाने चाहते थे, लेकिन चेयरमैन ने इसकी इजाजत नहीं दी. इस पर श्री उपाध्याय ने माइक को तोड़ने का प्रयास किया.
मेयर परिषद सदस्य तारक सिंह ने फौरन हस्तक्षेप कर उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. इस पर कांग्रेस पार्षद वेल में उतर कर प्रदर्शन करने लगे. उस समय मेयर शोभन चटर्जी अपनी सीट पर बैठे हुए थे. प्रदर्शन करते-करते श्री उपाध्याय मेयर की तरफ बढ़े और हाथ में पकड़े कागज के टुकड़े उनके चेहरे पर फेंक कर सदन से बाहर निकल गये.
इस बारे में पूछे जाने पर श्री उपाध्याय ने कहा कि सारधा को जारी किये गये लाइसेंस एवं आरी की खरीदारी के बारे में सदन में सवाल पूछे जाने के लिए उन्होंने 17 मई को ही चेयरमैन को पत्र लिखा था. पर, 26 मई को अचानक उन्हें यह जानकारी दी गयी कि हम लोग आप के सवाल को ग्रहण नहीं कर रहे हैं. श्री उपाध्याय ने कहा कि वह प्रत्येक अधिवेशन में सवाल करते हैं, लेकिन पहली बार उनके सवाल को रद्द किया गया. शायद मेयर भयभीत थे, इसलिए ऐसा किया गया. इसलिए अपना विरोध जताने के लिए उन्हें जो समझ में आया वह किया. इसका उन्हें कोई खेद नहीं है. मेयर शोभन चटर्जी ने कहा कि प्रकाश उपाध्याय ने सदन के माइक को तोड़ने का प्रयास किया है. यह असभ्यता है. विधानसभा की तरह यहां मार्शल नहीं है, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी.
