कोलकाता : फुटबॉल की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखनेवाले महानगर के इस्ट बंगाल क्लब के टेक्निकल निदेशक सुभाष भौमिक को घूसकांड में अलीपुर अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनायी. उनपर वर्ष 2005 में केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में अधिकारी के रूप में कार्यरत रहने के समय एक व्यवसायी को गलत तरीके से सुविधा दिलाने के आरोप में डेढ़ लाख रुपये घूस लेने का आरोप लगाया गया था.
उन्हें रंगे हाथों घूस लेते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरों (सीबीआइ) के अधिकारियों ने कलकत्ता साउथ क्लब के गेट के पास से दबोचा था.
इसी मामले में उन्हें अलीपुर अदालत ने जांच की कार्रवाई के आधार पर तीन साल कैद की सजा सुनायी थी. बाद में अदालत ने उच्च अदालत में अपील के लिए उनकी याचिका को मंजूर करते हुए उनको जमानत भी प्रदान कर दी.
क्या है मामला
गौरतलब है कि वर्ष 2005 में वह सेंट्रल कस्टम एंड एक्साइज विभाग में अधीक्षक पद पर कार्यरत थे. उसी समय एक व्यवसायी ने उन पर डेढ़ लाख घूस मांगने का आरोप लगाया था. उसी व्यवसायी ने सीबीआइ को इसकी जानकारी दी. जिसके बाद सीबीआइ की ओर से जाल बिछाकर कलकत्ता साउथ क्लब में उन्हें रंगे हाथ रुपये लेते गिरफ्तार किया था. जिसके बाद उनको सस्पेंड कर दिया गया था. उन पर सीबीआइ के अधिकारियों के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगा था.
सीबीआइ ने उनको गिरफ्तार कर उनके बेलुर व शांतिनिकेतन स्थित आवास पर छापा भी मारा था. बाद में उनकी जमानत भी मंजूर हो गयी थी, लेकिन अलीपुर कोर्ट में पूरे मामले की सुनवायी जारी थी. सीबीआइ की विशेष अदालत ने इसी मामले में सोमवार को उन्हें तीन साल कैद की सजा सुनायी थी. जिसके बाद उन्होंने उच्च अदालत में इसके खिलाफ अपील की जहां अदालत ने उन्हें जमानत दे दी.
