साहित्यकार पंडित छविनाथ मिश्र नहीं रहे

कोलकाता : कवि और वरिष्ठ साहित्यकार पंडित छविनाथ मिश्र का रविवार को हावड़ा में निधन हो गया. वह 88 वर्ष के थे. वह पिछले डेढ़ महीने से हावड़ा के श्री जैन अस्पताल में भरती थे. रविवार शाम 4.55 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनका अंतिम संस्कार रविवार को ही बाली श्मशान घाट में कर दिया […]

कोलकाता : कवि और वरिष्ठ साहित्यकार पंडित छविनाथ मिश्र का रविवार को हावड़ा में निधन हो गया. वह 88 वर्ष के थे. वह पिछले डेढ़ महीने से हावड़ा के श्री जैन अस्पताल में भरती थे. रविवार शाम 4.55 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनका अंतिम संस्कार रविवार को ही बाली श्मशान घाट में कर दिया गया. उनके पुत्र व पत्रकार अनुपम मिश्र ने उन्हें मुखाग्नि दी.

प्रयाग में 6 जनवरी 1927 में जन्मे मिश्र का पहला काव्य संग्रह ‘अंगना फूले कचनार’ था. उनके ‘ऋचागीत’ को गीत विधा में नयी क्रांति लाने के तौर पर जाना जाता है. वैदिक मंत्रों के सूत्र वाक्य का मनन कर उसके आधार पर गीत रचे गये. उनका काव्य संग्रह ‘कविता में जीने का सुख’, ‘कलम का दर्द’, ‘सुनो कविता मेरा नाम ईश्वर है’ और ऋतुरंग कविताएं बेहद चर्चित हुईं. दिवंगत मिश्र अपने पीछे पत्नी, बेटी ऋचा व बेटे अनुपम को छोड़ गये हैं. पंडित मिश्र के निधन पर महानगर के साहित्यकारों ने गहरा शोक प्रकट किया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >