एम्बेसडर बनाने वाली फैक्टरी में लगा ताला

कोलकाता/हुगली. हिन्दुस्तान मोटर्स (एचएम ) के उत्तरपाड़ा संयंत्र पर ताला लग गया है. काम रोकने से संबंधित नोटिस को शुक्रवार देर रात कारखाने के मुख्य द्वार पर चस्पा कर दिया गया. यह कंपनी मशहूर एम्बेसडर कार का निर्माण करती है. कंपनी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कंपनी का उत्तरपाड़ा संयंत्र नकदी संकट से जूझ […]

कोलकाता/हुगली. हिन्दुस्तान मोटर्स (एचएम ) के उत्तरपाड़ा संयंत्र पर ताला लग गया है. काम रोकने से संबंधित नोटिस को शुक्रवार देर रात कारखाने के मुख्य द्वार पर चस्पा कर दिया गया. यह कंपनी मशहूर एम्बेसडर कार का निर्माण करती है.

कंपनी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कंपनी का उत्तरपाड़ा संयंत्र नकदी संकट से जूझ रहा है, जिसकी वजह से यहां एंबेसडर कार विनिर्माण के ऑर्डर पर अमल नहीं हो पा रहा है. सूत्रों ने कहा कि संयंत्र में काम रोकने से इसे और बदहाली से रोका जा सकेगा. जैसे ही कोई रणनीतिक निवेशक धन के साथ इसमें आयेगा स्थिति में सुधार आने लगेगा. हिंदुस्तान मोटर्स के उत्तरपाड़ा कारखाने में लगभग 2500 कर्मचारी और प्रबंधकीय स्टाफ हैं. इसे कंपनी के चेन्नई संयंत्र से अलग कर दिया गया है. चेन्नई संयंत्र को हिन्दुस्तान मोटर्स फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड के तहत ला दिया गया है. सूत्रों ने बताया कि कामबंदी के दौरान उत्तरपाड़ा संयंत्र के कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं किया जायेगा.

कर्मचारी मायूस

कारखाने के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी मलय चौधरी ने पांच पेज का नोटिस चस्पा कर कारखाने की बदहाल स्थिति को बंदी का कारण बताया है. शनिवार को कार्य स्थगन का नोटिस पढ़ने के बाद मजदूरों में मायूसी छा गयी. मजदूरों को 66 महीने का मेहनताना बकाया बताया जा रहा है. कारखाने की तीन यूनियनों के नेताओं ने श्रम मंत्री पूर्णेदु बसु से बात की है. श्रम मंत्री ने श्रमिकों से शांति बनाये रखने की अपील की है.

प्रबंधन ने नोटिस के जरिये बताया है कि प्रत्येक महीने लगभग 70 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था. साथ ही जहां 1500 गाड़ियां तैयार होनी चाहिए, वहां सिर्फ 150 गाड़ियां ही बन रही थीं. नोटिस में बताया गया है कि वर्ष 1999 से यह कारखाना लगातार घाटे में चल रहा था. 30 अप्रैल, 2014 तक कारखाने का 94 करोड़ रुपये सेल्स टैक्स भी बकाया है. छह महीने पहले बिजली बिल बकाया होने पर बिजली काट दी गयी थी. हालांकि बाद में उच्च न्यायालय के आदेश पर बिजली आपूर्ति बहाल की गयी.

होगी त्रिपक्षीय बैठक

तृणमूल ट्रेड यूनियन के सचिव उत्तम चक्रवर्ती ने बताया कि गैर कानूनी तरीके से तालाबंदी की गयी है. उन्होंने कारखाने की बदहाली के लिए प्रबंधन को ही जिम्मेवार ठहराया है. कारखाने की इंटक के महासचिव अजित चक्रवर्ती ने बताया कि कारखाने की तालाबंदी को लेकर श्रम मंत्री से बात हुई है. उन्होंने मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर एक बैठक बुलाने की बात कही है.

राज्य के श्रम मंत्री पुर्णेदु बसु ने बताया कि कंपनी को अगर फंड की समस्या है तो उसे फंड का इंतजाम करना चाहिए. सुनने में आया था कि कंपनी एक चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी के साथ संपर्क में है, लेकिन इसी बीच कारखाना बंद करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि त्रिपक्षीय बैठक में कंपनी के पुनर्विकास को लेकर चर्चा की जायेगी. मालूम हो कि सात साल पहले इस कारखाने में यूनियन व मजदूरों ने आंदोलन किया था. उन दिनों 58 दिनों तक हड़ताल चली थी.

केंद्र के सामने ले जायेंगे मुद्दा: श्यामल

सीटू नेता श्यामल चक्रवर्ती ने बताया कि वे इस मामले को केंद्र सरकार के सामने ले जायेंगे. हिंदुस्तान मोटर्स प्रबंधन अपने उत्तरपाड़ा कारखाने को फिर से चालू करे, इसके लिए अने वाली मोदी सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है.

देश का पहला एकीकृत ऑटोमोबाइल संयंत्र

हुगली जिले के उत्तरपाड़ा स्थित देश का पहला और एकमात्र एकीकृत ओटोमोबाइल संयंत्र हिंद मोटर पिछले कई वर्षों से आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है. शनिवार सुबह काम पर पहुंचे कर्मचारी संयंत्र के मुख्य दरवाजे पर काम रोकने का नोटिस लगा देख सकते में आ गये. देश में 1942 में प्रथम स्वदेशी कार बनाने वाली यह कंपनी समय के साथ और ईंधन की बढ़ती कीमत के अनुसार अपने संयंत्र और कार के माडलों को उन्नत नहीं बना पायी, जिससे कंपनी को आर्थिक रूप से काफी नुकसान हुआ है और आखिरकार प्रबंधन को संयंत्र में काम रोकना पड़ा.

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