नयी दिल्ली : सारधा घोटाले में सीबीआई जांच का विरोध करने पर तृणमूल कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए वाम दलों ने आज इस मामले की सीबीआई जांच के उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का स्वागत किया और मांग की कि एजेंसी को धन की गड़बड़ी और इससे जुड़े धनशोधन के पीछे के राजनीतिक गठजोड़ का पर्दाफाश करना चाहिए.
चिटफंड घोटाले से चार राज्यों में हजारों निवेशकों के प्रभावित होने की बात बताते हुए माकपा पोलित ब्यूरो ने कहा, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार इस मामले में सीबीआई जांच का पुरजोर विरोध कर रही है. पोलित ब्यूरो ने कहा, सीबीआई को इस मामले में धन की गड़बड़ी और इससे जुड़े धनशोधन के पीछे के राजनीतिक गठजोड़ का पर्दाफाश करना चाहिए.
माकपा ने सारदा ग्रुप की सभी कंपनियों और उनके मालिकों की संपत्तियां तत्काल जब्त करने की मांग की और कहा कि सभी निवेशकों को अंतरिम मुआवजे का भुगतान किया जाये. एक अन्य बयान में भाकपा ने कहा कि इस मामले में कथित तौर पर शामिल अपनी पार्टी के लोगों को बचाने के मकसद से तृणमूल कांग्रेस सरकार सीबीआई जांच में अडंगे लगा रही है.
पश्चिम बंगाल, असम, ओडि़शा और झारखंड में लाखों गरीबों के प्रभावित होने का जिक्र करते हुए भाकपा के केंद्रीय सचिवालय ने कहा, अपनी प्रकृति के अनुरुप सीबीआई ही ऐसे धोखे की जांच करने के लिए एक सही एजेंसी थी पर तृणमूल कांग्रेस इसमें बाधाएं खड़ी कर रही थी. भाकपा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने पूरे मामले को सीबीआई के हवाला करके सही किया है.
