कोलकाता: बदमाशों के हाथों आबरू लुटने से पहले एक मूक-बधिर युवती को सुरक्षित बचा लिया गया. घटना उत्तर कोलकाता के बड़तल्ला स्ट्रीट इलाके के निकट जतींद्र मोहन एवेन्यू में रविवार रात 8 बजे की है. बड़तल्ला स्ट्रीट पर पुलिस नाके के पास जब एक टाटा सूमो गाड़ी धीमी रफ्तार से गुजर रही थी, तभी अंदर से अजीब इशारे कर रही एक लड़की पर पुलिस की नजर पड़ी.
वह पुलिस से मदद मांग रही थी. पुलिसवालों ने गाड़ी रोकी तो उसमें वह 30 वर्षीया युवती डरी व घबराई हुई सी लगी. उसे नीचे उतार कर पूछताछ की गयी तो पता चला कि वह मूक-बधिर है. वह गाड़ी में बैठे दो लोगों की तरफ इशारा करने लगी, तभी अंदर बैठे दोनों बदमाश गाड़ी लेकर भागने की कोशिश करने लगे. पर उनका पीछा करके उन्हें दबोच लिया गया. गिरफ्तार दोनों आरोपी बापी दास (40) और उत्तम बकुली (48) पेशे से कार चालक हैं. उन्हें 18 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
घटना के बाद पीड़िता की मेडिकल जांच करायी गयी, जिसके बाद प्रशिक्षित एनजीओ के अधिकारियों की मदद लेकर पीड़ित महिला का बयान दर्ज किया गया. पीड़िता ने बयान में पुलिस को बताया कि काकुड़गाछी इलाके में वह लोगों के घरों में आया का काम करती है. रोजाना की तरह रविवार को भी रात आठ बजे के करीब काकुड़गाछी क्रासिंग के पास से वह घर की तरफ लौट रही थी. अचानक एक सूमो कार उसके पास आकर रुकी और उसे कार में उठा लिया. कार उसके बाद मानिकतल्ला के रास्ते होते हुए उत्तर कोलकाता की तरफ जाने लगी. दोनों कांच के शीशे बंद होने के कारण उसके इशारे को लोग सुन नहीं पा रहे थे.
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) पल्लव कांति घोष ने बताया कि पूछताछ में दोनों बदमाशों ने पुलिस को बताया कि बड़तल्ला इलाके में एक किराये पर कमरा लेकर वे उस युवती के साथ दुष्कर्म के लिए उसे कार में ले जा रहे थे.
पुलिसकर्मियों को सम्मानित करेगा लालबाजार
लालबाजार सूत्रों के मुताबिक सूझ-बूझ व साहस का परिचय देते हुए बदमाशों के हाथों युवती को बचाने व भाग रहे बदमाशों दबोचने के लिए चार पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जायेगा. उन्हें कोलकाता पुलिस के वार्षिक कार्यक्रम में सम्मानित करने का फैसला लिया गया है. सम्मान के लिए प्रस्तावित उन चारों पुलिसवालों के नाम आरएन दत्ता (एएसआइ), जीवन चंद्र सरकार (कांस्टेबल), सुदीप लाल पोद्दार (कांस्टेबल) व सोमा दास (महिला एसआई) बताये गये हैं.
