दो मई को चार ग्रहों का महासंयोग शुभ
सुनील तिवारी
बोकारो : इस वर्ष अक्षय तृतीया पर चार ग्रहों के उच्च राशि में आने से अक्षय फल प्राप्ति का महासंयोग बन रहा है. यह दुर्लभ संयोग 11 साल बाद आ रहा है. ज्योतिष विद्वानों के अनुसार इस संयोग में किये जाने वाले पूजा पाठ और शुभ कार्यों को चिर स्थायित्व प्राप्त होगा. मतलब इस बार अक्षय तृतीया का महत्व और बढ़ गया है. इस बार की अक्षय तृतीया पर वर्षो बाद ग्रह नक्षत्रों के ऐसे योग बन रहे हैं, जिनमें शुभ कार्यो के लिए पंचांग के सारे मुहूर्त विद्यमान रहेंगे.
दो मई को पड़ने वाली अक्षय तृतीया में सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में और चंद्रमा वृष में होंगे. इसके साथ ही दो अन्य ग्रह शुक्र और शनि भी इसी दिन अपनी उच्च राशि मीन व तुला में रहेंगे. यह संयोग इस दिन की महत्ता को और बढ़ा देंगे.
राजयोग व रवियोग भी बनेंगे : अक्षय तृतीया पर सुबह 11.18 बजे तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा. इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र शुरू हो जायेगा. चंद्रमा के अपनी उच्च राशि में रहने के कारण यह इन दोनों नक्षत्रों की महिमा बढ़ायेगा. इसी दिन सुबह 11.18 से 12.04 बजे तक राजयोग बन रहा है. इसके अलावा 11.18 बजे से ही अगले दिन 1.08 बजे तक रवियोग बनेगा. ये सभी संयोग खरीदारी, शुभ कार्य व पूजा-अर्चना में अक्षय फल प्राप्ति वाले साबित होंगे.
