सारधा चिटफंड घोटाला: प्रवर्तन निदेशालय ने कसा शिकंजा, फिर भी लोग हताश एक और निवेशक ने लगायी फांसी

कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाले का प्रवर्तन निदेशालय ने जांच शुरू की है. मामले से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इस बीच सारधा में निवेश करनेवाले एक निवेशक ने आत्महत्या कर ली. कैनिंग के बेलखाली गांव के निवासी सुशांत सरदार की आत्महत्या से फिर से सारधा चिटफंड की धोखाधड़ी के दुष्परिणाम सामने […]

कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाले का प्रवर्तन निदेशालय ने जांच शुरू की है. मामले से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इस बीच सारधा में निवेश करनेवाले एक निवेशक ने आत्महत्या कर ली. कैनिंग के बेलखाली गांव के निवासी सुशांत सरदार की आत्महत्या से फिर से सारधा चिटफंड की धोखाधड़ी के दुष्परिणाम सामने आ गये हैं.

पुलिस के अनुसार सुशांत का झूलता हुआ शरीर शुक्रवार को बरामद हुआ. देनदारियों की मांग व उनका उत्पीड़न न सह सकने के कारण ही सुशांत ने आत्महत्या कर ली. कैनिंग थाने में इसकी रिपोर्ट सुशांत की पत्नी ने दायर करायी है. इस तरह से सारधा घोटाले से जुड़े एजेंट व निवेशकों के आत्महत्या करनेवालों की संख्या बढ़ कर 63 हो गयी है. सबसे अधिक नदिया जिले में खुदकुशी की गयी है.

पियाली को जमानत, बेटे को जेल
कोलकाता. सारधा घोटाले के मुख्य आरोपी सुदीप्त सेन की दूसरी पत्नी पियाली सेन व उसके बेटे शुभजीत सेन की इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट (इडी) हिफाजत की सीमा शुक्रवार को खत्म होने के बाद इडी की ओर से शुक्रवार को दोनों मां-बेटे को अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने पियाली को 30 हजार रुपये के बदले सशर्त जमानत पर रिहा कर दिया. मामला चलने तक उनके कोलकाता से बाहर जाने पर रोक लगा दी गयी है. वहीं, सुदीप्त के बेटे शुभजीत सेन को 30 अप्रैल तक जेल हिरासत में भेजने का निर्देश दिया. कोर्ट में इडी ने पियाली की जमानत का विरोध नहीं किया.

अर्पिता से भी पूछताछ : उधर, मामले में इडी ने बालुरघाट लोकसभा क्षेत्र की तृणमूल उम्मीदवार अर्पिता घोष को पूछताछ के लिए बुलाया था.शुक्रवार को शाम करीब चार बजे अर्पिता इडी कार्यालय पहुंचीं और शाम 6.30 बजे बाहर निकलीं. उनसे सारधा कांड के संबंध में पूछताछ की गयी. उनसे पूछा गया कि आप जिस चैनल में काम करती थीं, वहां उन्हें कितनी तनख्वाह मिलती थी. वह किस पद पर थीं, वहां काम करने के लिए कोई कागजात मिले थे या नहीं.

पीड़ितों से पांच लाख अर्जियां मिलीं
कोलकाता. सारधा चिटफंड की जांच करनेवाले आयोग को 17 लाख अजिर्यां मिली हैं, जिसमें से पांच लाख ऐसे लोगों की हैं, जो अन्य फरजी निवेश योजनाओं से धोखाधड़ी के शिकार हुए. घोटाले की जांच करने के लिए गत वर्ष गठित श्यामल सेन आयोग ने कहा कि उसे 17 लाख अर्जियां मिली हैं, जिसमें से पांच लाख अर्जियां अन्य फरजी निवेश योजनाओं के पीड़ितों की हैं. सेन ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आयोग को ऐसे दो लाख लोगों की अर्जियां भी मिली हैं, जो राज्य के बाहर के हैं. गत 20 अप्रैल को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आयोग को निर्देश दिया था कि आयोग को अन्य फरजी निवेश योजनाओं से प्रभावित लोगों के आवेदन भी प्राप्त करने चाहिए. सेन ने कहा कि गत एक वर्ष के दौरान सारधा समूह से जब्त फ्लैट और संपत्तियां करीब 1.4 करोड़ रुपये की हैं. उन्होंने कहा : पहला लक्ष्य सबसे गरीब लोगों को उनका पैसा लौटाना है. उन्होंने कहा कि 10-10 हजार रुपये निवेश करनेवाले चार लाख लोगों को उनका पैसा वापस कर दिया गया है.

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