सारधा को लेकर सोनिया ने भी बोला हमला, कहा
कालियागंज : करोड़ों रुपये के सारधा चिटफंड घोटाले को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उसकी (राज्य सरकार) चिटफंड कंपनियों के साथ मिलीभगत है जिन्होंने 18 लाख से अधिक लोगों को लूटा है.
सोनिया गांधी ने ऐसे समय में पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला किया है जब कुछ ही दिन पूर्व उनके बेटे और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इसी मुद्दे पर प्रदेश सरकार को निशाना बनाया था.
उत्तर दिनाजपुर जिले में रायगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहीं पार्टी प्रत्याशी दीपा दासमुंशी के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि यहां की सरकार की मिलीभगत से चिटफंड कंपनियों ने 18 लाख से भी अधिक परिवारों को लूटा, उन्हें बरबाद किया है.’
उन्होंने कहा, ‘गरीब लोग पैसा जोड़ने के लिए काफी संघर्ष करते हैं ताकि वे जरूरत के समय इसका इस्तेमाल अपने तथा अपने बच्चों के लिए कर सकें.’ उन्होंने कहा कि सारधा मामले में प्रवर्तन निदेशालय और सेबी ने राज्य सरकार को कई बार गड़बड़ी के प्रति अगाह किया था, लेकिन राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की. राज्य सरकार लोगों की मूल धन तक वापस नहीं कर पायी हैं.
तृणमूल सरकार की चिटफंड कंपनियों
तीन दिन पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि यह सरकार उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है जो करोड़ों रुपये के सारधा पोंजी घोटाले में शामिल थे. इसके बजाय यह उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है.
सोनिया गांधी ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि यह विकास कार्यों के सवाल पर राजनीति कर रही है.
उत्तर दिनाजपुर जिले के पांजीपाड़ा में जनसभा को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रियरंजन दासमुंशी ने उत्तर दिनाजपुर जिले में विकास की बाढ़ ला दी थी. इसी बाढ़ को जारी रखने का काम अब उनकी पत्नी दीपा दासमुंशी कर रही हैं.
दीपा दासमुंशी जिले के विकास के लिए काफी तत्पर हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की वर्तमान सरकार विभिन्न अड़चनों के माध्यम से विकास कार्यो को बाधित करने की कोशिश कर रही है. इसके पीछे उनका मूल मकसद अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना हैं.
उन्होंने एम्स का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र की कांग्रेस सरकार ने एम्स की तर्ज पर अस्पताल की स्थापना के लिए काफी पहले ही अपनी मंजूरी दे दी है. इसके बावजूद पूर्व की वाम मोरचा सरकार और वर्तमान की तृणमूल सरकार यहां एम्स अस्पताल की स्थापना नहीं होने दे रही है. इस अस्प्ताल के लिए जमीन की आवश्यकता है, लेकिन राजनीतिक कारणों से भूमि अधिग्रहण का काम नहीं हो पा रहा है.
इसके लिए उन्होंने राज्य की तृणमूल सरकार को जिम्मेदार ठहराया. केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए सोनिया ने कहा कि हमने खाद्य सुरक्षा विधेयक के साथ ही सौ दिन के रोजगार योजना की शुरूआत की है. इसके साथ ही 14 वर्ष के कम उम्र के बच्चों की मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था की गयी है. किसानों का कर्ज माफ किया गया. उन्होंने राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि देश में पंचायती राज व्यवस्था की शुरूआत उन्होंने की और उन्होंने ही 18 वर्ष की उम्र में युवाओं को मताधिकार दिया.
ममता सरकार पर हमला जारी रखते हुए सोनिया ने कहा कि केंद्र में राज्य के विकास कार्यो के लिए 1200 करोड़ रुपये दिये हैं, लेकिन राज्य सरकार इसे खर्च करने में विफल रही. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर उन्होंने घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कई बड़े नेता सारधा घोटाले में शामिल है, अगर इसकी सही जांच हो तो कई नेता पकड़े जायेंगे.
सोनिया गांधी में राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को जर्जर बताते हुए कहा कि पूरे राज्य में गुंडाराज चल रहा है. मां-बहनें सुरक्षित नहीं है. आये दिन राज्य में बलात्कार की घटनाएं घट रही हैं. कानून व्यवस्था स्थिति में सुधार के लिए राज्य सरकार ने कुछ भी नहीं किया.
उन्होंने 24 अप्रैल को होने वाले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार दीपा दासमुंशी के पक्ष में मतदान की अपील करते हुए लोगों से कहा कि इतनी धूप व गरमी में भी बड़ी संख्या में यहां आये हैं. इसके लिए उन्होंने लोगों का आभार प्रकट किया. जनसभा को दीपा दासमुंशी के साथ साथ नगरपालिका अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल ने भी संबोधित किया.
