हावड़ा: तृणमूल प्रत्याशी प्रसून बनर्जी की रैली को लेकर तृणमूल समर्थकों के दो गुटों के बीच जम कर झड़प हुई. इस झड़प का शिकार स्थानीय विधायक शीतल सरदार सहित प्रसून बनर्जी को भी होना पड़ा. समर्थकों के बीच हो रही आपसी झड़प व मारपीट देख कर गुस्से से तिलमिलाते हुए प्रसून बनर्जी रैली छोड़ कर लौट गये. घटना संकराइल थाना अंतर्गत न्यू कोरोला इलाके की है. प्रसून बनर्जी के लौटने के बाद स्थिति और अधिक बिगड़ गयी. दोनों गुटों के समर्थकों के बीच मारपीट शुरू हो गयी. दोनों गुटों के समर्थकों ने एक दूसरे पर बम फेंके. घटना की खबर मिलते ही पुलिस पहुंची. इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस पिकेट बैठाया गया है.
क्या है घटना
न्यू कोरोला इलाके में प्रसून बनर्जी की एक रैली आयोजित की गयी थी. सुबह 11.30 बजे न्यू कोरोला ग्राम पंचायत के प्रधान मसूद मंडल अपने समर्थकों के साथ पहुंचे. इसके बाद पंचायत समिति के सदस्य मिराज मल्लिक के नेतृत्व में तृणमूल समर्थक पहुंचे. रैली के रूट को लेकर मसूद मंडल और मिराज मल्लिक के बीच बहस होने लगी. मसूद रैली को न्यू कोरोला की रूट से लेकर जाना चाहता था जबकि मिराज रैली को लतीफपुर इलाके से लेकर जाना चाहता था. रूट को लेकर दो तृणमूल समर्थकों के बीच हो रही बहस छिड़ गयी.
इसी बीच प्रसून बनर्जी व विधायक शीतल सरदार मौके पर पहुंचे. विधायक ने कहा कि रैली का रूट प्रशासन ने तय किया है, इसलिए रैली न्यू कोरोला से होकर गुजरेगी. यह सुनते ही पंचायत समिति के सदस्य मिराज मल्लिक व उनके समर्थक भड़क उठे. दोनों के बीच वही हाथा-पायी होने लगी. आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंचे शीतल सरदार के कपड़ों को फांड़ दिया गया. प्रत्याशी प्रसून बनर्जी के साथ भी धक्का-मुक्की की गयी. उनकी गाड़ी को रोका गया. हालात को बेकाबू होते देख कर प्रसून बनर्जी फौरन वहां से निकल पड़े. प्रसून बनर्जी के लौटने के बाद रैली रद्द करनी पड़ी. रैली रद्द होते ही मसूद मंडल व मिराज मल्लिक के समर्थकों के बीच झड़प शुरू हो गयी. दोनों तरफ से बमबाजी की गयी. बम की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा. दुकानें बंद हो गयी. एक दुकान में आगजनी की गयी. कई घरों में तोड़ फोड़ किया गया. खबर मिलते ही भारी संख्या में पुलिस व रैफ के जवान मौके पर पहुंचे.
शिकायत नहीं दर्ज हुई
घटना की लिखित शिकायत अभी तक दर्ज नहीं की गयी है. बमबाजी व मारपीट की घटना घटी थी. इलाके में फिलहाल शांति है. किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं घटे, इसके लिए पुलिस पिकेट बैठाया गया है.
सुखेंदु हीरा, एएसपी(ग्रामीण)
