कोलकाता: गोरखा जनमुक्ति मोरचा (गोजमुमो) के प्रमुख विमल गुरुंग व उनकी पत्नी आशा गुरुंग की अग्रिम जमानत याचिका को कलकत्ता हाइकोर्ट ने मंजूर कर लिया. न्यायाधीश जयंत विश्वास व न्यायाधीश इंद्रजीत चटर्जी की खंडपीठ ने यह याचिका मंजूर की.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 के 21 मई को अखिल भारतीय गोरखा लीग के प्रमुख मदन तामांग हत्याकांड के दौरान उनके अंगरक्षक महेश ठाकुरी पर हमला किया गया था. महेश ठाकुरी ने आरोप लगाया था कि उनपर विमल गुरुंग, आशा गुरुंग सहित गोजमुमो के अन्य अधिकारियों समेत करीब 400 लोगों ने हमला किया व गोलियां चलायी थीं. पुलिस ने इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किये थे. इनमें विमल गुरुंग व आशा गुरुंग के अलावा गोजमुमो के कुछ नेता भी शामिल थे. इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 12 को जमानत पहले ही मिल चुकी है.
गत 14 मार्च को दाजिर्लिंग जिला अदालत ने विमल गुरुंग की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. आरोपियों को फरार बताते हुए पुलिस ने संपत्ति जब्त करने का नोटिस भी जारी किया था. गत सप्ताह विमल व आशा गुरुंग ने कलकत्ता हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका की अरजी दाखिल की थी. मंगलवार को सुनवाई में अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर कर लिया.
