पार्षद ने थाने में दर्ज करायी प्राथमिकी
मुख्यमंत्री व सिंचाई मंत्री के निर्देश के बावजूद नदी से बालू निकालना जारी
कोलकाता : उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी थाना क्षेत्र में तृणमूल पार्षद को अवैध तरीके से बालू निकालने का विरोध करना महंगा पड़ा. पार्षद ने जब इसका विरोध किया तो बालू माफिया से विवाद शुरू हो गया. बालू माफिया ने पार्षद के साथ धक्का-मुक्की की और जान से मारने की धमकी भी दी.
जानकारी के अनुसार, नैहाटी नगरपालिका के आठ नंबर वार्ड के पार्षद गणेश दास गुरुवार सुबह नैहाटी के जुबली ब्रिज के पास बालीघाट के पास पहुंचे तो देखा कि बालू माफिया मनोज दास के नेतृत्व में कुछ लोग नदी से बालू निकाल रहे हैं.
उन्होंने नदी से बालू निकालने से मना किया. इस पर बालू माफिया के लोग उनके साथ गाली-गलौज करने लगे. उनको धक्का देकर वहां से जाने को कहा. साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी.
इसके बाद पार्षद गणेश दास ने बालू माफिया मनोज दास के खिलाफ थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी. घटना के बाद से ही मनोज दास फरार बताया जा रहा है. हालांकि, मनोज दास का कहना है कि सरकार की अनुमति से वह नदी से बालू निकाल रहे हैं. यह उनको बदनाम करने की साजिश है.
क्या है मामला :
गौरतलब है कि जुबली ब्रिज के पास हुगली नदी से बालू निकालने पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी है. क्योंकि कुछ दिन पहले नदी के किनारे का कुछ हिस्सा धंस गया था और इसकी वजह से जुबली ब्रिज के भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका जतायी जा रही है. इस ब्रिज से नैहाटी एवं बंडेल रूट की ट्रेनें चलती हैं. इस घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी ने वहां से बालू निकालने की प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया था. लेकिन इसके बावजूद वहां से अवैध तरीके से बालू निकाला जा रहा है.
