कोलकाता: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह सत्ता में आये तो देश को हमेशा सांप्रदायिक दंगे का दंश ङोलना पड़ेगा.
शहीद मीनार मैदान में बसपा कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करने के दौरान नरेंद्र मोदी का नाम लिये बगैर मायावती ने कहा कि भाजपा ने एक ऐसे व्यक्ति को अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है, जो गुजरात के दंगों के लिए जिम्मेदार है. गोधरा कांड के बाद गुजरात में हुए भयावह सांप्रदायिक दंगों के लिए जिम्मेदार शख्स अब प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहा है. यदि गलती से भी वह प्रधानमंत्री बन गये तो यह देश के लिए बेहद खतरनाक होगा. देश तबाह व बर्बाद हो जायेगा.
सारा देश सांप्रदायिक दंगे की चपेट में आ जायेगा. मोदी पर कटाक्ष करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि मोदी अपने भाषण में बार-बार यह दोहराते हैं कि अगर वह सत्ता में आये तो देश की बिगड़ी हुई हालत को सुधार डालेंगे. पर मैं यह पूछना चाहती हूं कि जब देश पर छह वर्ष तक भाजपा की नेतृत्ववाली सरकार थी, तब भाजपा ने देश की हालत क्यों नहीं सुधारी. मायावती ने भाजपा, कांग्रेस एवं देश के अन्य दलों पर आरोप लगाया कि यह सभी दल पूंजीपतियों के संसाधन से सत्ता तक पहुंचते हैं, इसलिए उन उद्योगपतियों व पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए नीति तैयार की जाती है. आजादी के 65 वर्ष से अधिक समय गुजरने के बावजूद दलितों, पिछड़े वर्गो एवं अल्पसंख्यकों की हालत आज भी खस्ता है. आज भी वह गरीबी की आग में झुलस रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस, भाजपा एवं अन्य दल उद्योगपतियों व पूंजीपतियों द्वारा दिये गये फंड से चुनाव लड़ते हैं.
इसलिए जब वह सत्ता में आते हैं तो उन्हें फायदा पहुंचाने के लिए जनविरोधी नीतियां बनायी जाती हैं. उन्होंने कहा कि विदेशों में वर्षो से करोड़ों-अरबों का काला धन पड़ा हुआ है, जिसे वापस लाने की कभी कोशिश नहीं की गयी. इस काले धन से करोड़ों गरीबों की हालत बदल सकती थी. मायावती ने कहा कि एक साजिश के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को मिले सरकारी आरक्षण में नयी जातियों को शामिल कर उनका अधिकार मारने का खेल खेला जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज भी दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं मुसलमानों की हालत बेहद खराब है. उच्च वर्ग के गरीबों की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है.
बसपा ने मुसलमानों एवं उच्च वर्ग के गरीबों को आरक्षण दिये जाने के बारे में कई बार केंद्र सरकार को पत्र लिखा, पर केंद्र ने कुछ भी नहीं किया. पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य पर अधिकतर समय वामदलों का शासन रहा, पर उन्होंने भी गरीबों की सुध नहीं ली. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भी गरीबों की हालत नहीं बदली है. मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी राज्य की लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. किसी के साथ हमारी पार्टी ने गंठबंधन नहीं किया है. हम लोग अपने बलबूते चुनाव लड़ रहे हैं. टिकट देने में सभी समुदाय का ख्याल रखा गया है.
