कोलकाता: जो नेता अबतक डिजिटल मीडियम से दूर रहते थे, वे सोशल मीडिया की बढ़ती ताकत के बीच अब इस चुनाव सीजन में तेजी से फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से युवाओं से जुड़ रहे हैं. विगत मंगलवार को ही माकपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को टक्कर देने के लिए अपना आधिकारिक फेसबुक पेज एवं ट्विटर पेज शुरू किया. ठीक ऐसे ही तृणमूल कांग्रेस का दामन छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए धाकड़ नेता सोमेन मित्र ने ही कुछ दिनों पहले फेसबुक और ट्विटर पर अकाउंट खोला था.
माकपा के प्रदेश सचिव विमान बसु का कहना है कि सोशल मीडिया का प्रभाव युवा वर्ग में सबसे ज्यादा है. युवाओं तक अपनी बात पहुंचाना व आम लोगों से संवाद करने का यह एक प्रभावी तरीका है क्योंकि पार्टी उनके सवालों का जवाब दे सकती है और आलोचनाओं पर सकारात्मक तरीके से और समय रहते ध्यान दे सकती है.
सूत्रों के अनुसार फेसबुक पर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के पहले से ही साढ़े छह लाख से अधिक ‘लाइक्स’ हैं जबकि ट्विटर पर पार्टी प्रवक्ता डेरेक ओब्रायन के दो लाख से अधिक फोलोवर्स हैं. इसके अलावा, पार्टी लगातार अपनी वेबसाइट अद्यतन करती है तथा ट्विटर एवं फेसबुक पर उनके अकाउंट हैं.
डेरेक ओब्रायन का दावा है कि बतौर क्षेत्रीय दल, तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अन्य दलों से डिजिटल मंच पर आगे हैं. कथित तौर पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस समिति फेसबुक पर 8000 लाइक्स हैं जबकि प्रदेश माकपा के 14000 से अधिक लाइक्स हैं तथा तृणमूल कांग्रेस के 13000 से अधिक लाइक्स हैं.
प्रदेश भाजपा सोशल मीडिया पर नयी है लेकिन डिजिटल लड़ाई में बहुत तेजी से बढ़ रही है. कुछ ही वक्त में उसके ट्विटर पेज पर 11000 से अधिक फोलोवर्स हैं तथा फेसबुक पर 14000 से अधिक लाइक्स हैं.
