फर्जी डिग्री वाले डॉक्टर की फीस थी 300 रुपये

कोलकाता : खिदिरपुर के बाबूबाजार से शनिवार रात को गिरफ्तार फर्जी चिकित्सक अजय तिवारी को रविवार को विधाननगर कोर्ट में पेश करने पर उसे 10 दिनों के लिए सीआइडी हिरासत में भेजने का अदालत ने निर्देश दिया. सीआइडी सूत्रों के मुताबिक, अजय के बारे में जांच के दौरान उन्हें कई चौंकानेवाले तथ्य हाथ लगे हैं. […]

कोलकाता : खिदिरपुर के बाबूबाजार से शनिवार रात को गिरफ्तार फर्जी चिकित्सक अजय तिवारी को रविवार को विधाननगर कोर्ट में पेश करने पर उसे 10 दिनों के लिए सीआइडी हिरासत में भेजने का अदालत ने निर्देश दिया. सीआइडी सूत्रों के मुताबिक, अजय के बारे में जांच के दौरान उन्हें कई चौंकानेवाले तथ्य हाथ लगे हैं.
अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ बी कॉम की पढ़ाई पूरी कर वह दूसरे चिकित्सक के रजिस्ट्रेशन का इस्तेमाल कर अपना नकली एमबीबीएस की डिग्री बनाया था. इसी फर्जी डिग्री के बाद वह खुद को एमबीबीएस का चिकित्सक बताने लगा था. इसी डिग्री के साथ वह तीन सौ रुपये का फीस लेकर मरीजों का इलाज करता था. खिदिरपुर के बाबूबाजार, गार्डेनरीच के पहाड़पुर रोड में, मध्य कोलकाता के कोलूटोला इलाके के अलावा इंटाली के सीआइटी रोड जैसे महानगर की पांच प्रमुख जगहों में क्लीनिक खोलकर वह 25 से ज्यादा वर्षों से मरीजों का इलाज कर रहा था. सिर्फ यही नहीं महानगर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल कोठारी में भी वह वर्षों से मरीजों का इलाज करता आ रहा था.
सीआइडी अधिकारियों का कहना है कि वह महानगर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल कोठारी में नियुक्त थे.लिहाजा फर्जी सर्टिफिकेट के साथ कैसे उसकी नियुक्ति हुई, सीआइडी इस सवाल का जवाब जानने के लिए कोठारी प्रबंधन से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है. वहीं अस्पताल ने चिकित्सक की नियुक्ति में हुई लापरवाही को मानते हुए सीआइडी की हर संभव जांच में मदद करने का आश्वासन दिया है. इधर गिरफ्तार चिकित्सक अजय तिवारी से पूछताछ कर सीआइडी की टीम राज्यभर में फैले अन्य फर्जी चिकित्सकों का पता लगाने में जुटी है.

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