Kumbh Mela: अगला कुंभ मेला कब और कहां लगेगा? अभी से तैयारी में जुटी सरकार

Kumbh Mela: प्रयागराज में महाशिवरात्रि पर आखिरी अमृत स्नान के साथ आज समाप्त हो जाएगा 144 साल बाद लगने वाला महाकुंभ. प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी से हुई थी. कुंभ मेला समाप्त होने के बाद अगला कुंभ कब और कहां होने वाला है, उसको लेकर लोगों के मन में सवाल जरूर चल रहे होंगे, तो हम यहां आपको अलगे कुंभ के बारे में जानकारी देने वाले हैं.

Kumbh Mela: अगला कुंभ मेला 2027 में आयोजित किया जाना है. जो प्रयागराज में नहीं, बल्कि उत्तराखंड के हरिद्वार में लगाया जाएगा. इसे अर्धकुंभ 2027 के नाम से जाना जाएगा. हरिद्वार में मां गंगा के पावन तट पर आयोजित होने वाले अर्धकुंभ को लेकर अभी से उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है.

अर्धकुंभ 2027 को लेकर अधिकारियों ने की बड़ी बैठक

हरिद्वार में सरकारी अधिकारियों ने ‘अर्धकुंभ 2027’ की तैयारियों को लेकर बड़ी बैठक की है. बैठक के बाद गढ़वाल के आईजी ने मीडिया को बताया, “बैठक में ट्रैफिक प्लान को लेकर चर्चा की गई. अर्धकुंभ के दौरान ट्रैफिक और पार्किेंग व्यवस्था कैसी होगी, और भीड़ नियंत्रण किस तरह से किया जाएगा, इसको लेकर बैठक में बात हुई.” उन्होंने कहा- “बैठक में अर्धकुंभ की तैयारी में आने वाली खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी चर्चा की गई.”

मुख्यमंत्री धामी ने कुंभ को लेकर दिया निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अर्धकुंभ को लेकर अधिकारियों को अभी से निर्देश दे दिया है. उन्होंने कुंभ को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने का निर्देश दिया है. उन्होंने अधिकारियों को साफ कर दिया है कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए.

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या 66 करोड़ के पार

महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का अंतिम स्नान पर्व बुधवार को ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष के साथ प्रारंभ हुआ और तड़के से ही श्रद्धालुओं का गंगा और संगम में डुबकी लगाना जारी है. शाम चार बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान के साथ महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या 66 करोड़ पार कर गई. मेला प्रशासन ने स्नानार्थियों पर गुलाब की 120 क्विंटल पंखुड़ियों की वर्षा कराई. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाशिवरात्रि पर लोगों को बधाई देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “महाकुंभ 2025, प्रयागराज में भगवान भोलेनाथ की उपासना को समर्पित महाशिवरात्रि के पावन स्नान पर्व पर आज त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पधारे सभी पूज्य साधु संतों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन.” उन्होंने कहा, “त्रिभुवनपति भगवान शिव और पुण्य सलिला मां गंगा सभी का कल्याण करें, यही प्रार्थना है. हर हर महादेव.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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