Mirzapur woman jumps into Ganga: मिर्जापुर के चुनार में मंगलवार शाम एक महिला ने पति से विवाद के बाद शास्त्री पुल से गंगा में छलांग लगा दी. परिजनों को लगा कि अब उसे बचाना मुश्किल है, लेकिन कुदरत ने कुछ और ही मंजूर कर रखा था. करीब 14 घंटे तक गंगा की तेज धारा में बहने के बाद महिला करीब 40 किलोमीटर दूर चुनार के पास सुरक्षित मिली. गंगा में छलांग लगाने वाली 38 वर्षीय महिला के साथ कुदरत का ऐसा करिश्मा हुआ, जिसे जिसने देखा, वह हैरान रह गया. मंगलवार शाम करीब छह बजे शास्त्री पुल से गंगा में कूदी महिला करीब 14 घंटे तक पानी में बहती रही और 40 किलोमीटर दूर चुनार स्थित गंगा पुल के पास जिंदा मिली. पुलिस और गोताखोर देर शाम तक उसकी तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. बुधवार सुबह करीब आठ बजे मल्लाहों ने महिला को पानी से बाहर निकाला. पानी से निकलने के बाद वह होश में थी. सूचना मिलते ही मायके वाले मौके पर पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए.
पति से विवाद के बाद उठाया कदम
कटरा कोतवाली क्षेत्र के लोहिया तालाब की रहने वाली सुनीता देवी (38) का पति सूरज माली निषाद गुजरात में काम करता है. कोतवाल नीरज पाठक के अनुसार, पति से विवाद के बाद सुनीता ने शास्त्री पुल से गंगा में छलांग लगा दी थी. सुनीता ने बताया कि पति गुजरात में रहते हैं और उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं. पति घर के राशन के लिए पैसे भेजते थे, लेकिन दवा आदि के लिए रुपये मांगने पर पैसे नहीं देते थे. इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था. इसके बाद सुनीता ने गंगा में छलांग लगा दी.
पति ने कहा था- कहीं जाकर मर जाओ
सुनीता के मुताबिक, पति से विवाद के दौरान उसे काफी परेशानी हुई थी. गंगा में छलांग लगाने के बाद पुलिस और गोताखोरों ने देर शाम तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. करीब 14 घंटे बाद मल्लाहों ने उसे गंगा से बाहर निकाला. महिला के सुरक्षित मिलने की खबर के बाद परिवार ने राहत की सांस ली.
मायके वाले साथ ले गए
सुनीता को पानी से निकलने के बाद होश आया. सूचना मिलने पर मायके के लोग मौके पर पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए. पति से इलाज के लिए रुपये मांगने पर विवाद इतना बढ़ गया था कि सुनीता ने यह कदम उठा लिया. घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोग महिला के इस तरह सुरक्षित बचने को कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं.
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