Ayodhya Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राम मंदिर का पहला CEO कौन बनेगा? इस पद के लिए देशभर से करीब 5,300 आवेदन आने के बाद चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है. इनमें से 18 उम्मीदवारों को फाइनल इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. बताया जा रहा है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में CEO के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है. यह पद राम मंदिर के रोजमर्रा के प्रशासन, वित्तीय व्यवस्था, सुरक्षा, कर्मचारियों के प्रबंधन और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
5300 से ज्यादा लोगों ने किया था आवेदन
राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार CEO पद के लिए आवेदन मांगे थे. आवेदन की अंतिम तारीख 18 जुलाई रखी गई थी. शुरुआती चरण में ही बड़ी संख्या में आवेदन मिलने लगे थे. बाद में ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि कुल 5,200 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि अन्य रिपोर्टों में यह संख्या 5,300 से अधिक बताई गई. इस पद के लिए रिटायर्ड IAS, IPS, PCS, सेना के अधिकारी, प्रशासनिक और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोगों ने भी दावेदारी पेश की थी.
क्या होगी CEO की जिम्मेदारी?
राम मंदिर के CEO के जिम्मे मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को व्यवस्थित करना होगा. इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधाएं, कर्मचारियों का प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय और मंदिर की संपत्तियों से जुड़े मामलों की निगरानी भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल होंगी. चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विष्णुकांत चतुर्वेदी और श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावरे शामिल हैं.
50 से 70 वर्ष की उम्र और 20 साल का अनुभव जरूरी
CEO पद के लिए उम्मीदवार की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच रखी गई थी. आवेदक का हिंदू होना, मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना और प्रशासनिक/प्रबंधकीय क्षेत्र में कम से कम 20 वर्ष का अनुभव होना जरूरी था. मंदिर प्रबंधन या हिंदू धार्मिक संस्थान के संचालन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दिए जाने की बात भी सामने आई थी.
सितंबर में साफ हो जाएगा नाम
अब 18 उम्मीदवारों के फाइनल इंटरव्यू के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी. 2 सितंबर की ट्रस्ट बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं. इसी बैठक में राम मंदिर के नए CEO के चयन को लेकर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है.
