UP News: उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि इससे बोर्ड की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी.
MP मॉडल को बताया बेहतर विकल्प
दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की दिशा में उठाए गए कदम एक बेहतर उदाहरण हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी इसी मॉडल को अपनाकर बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है. उनके अनुसार, इससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी.
वक्फ संशोधन कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
राज्यमंत्री ने कहा कि वक्फ (संशोधन) कानून के प्रावधानों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बोर्ड की संरचना में आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए. उनका मानना है कि गैर-मुस्लिम सदस्यों की भागीदारी से निर्णय प्रक्रिया अधिक जवाबदेह बनेगी और वक्फ संपत्तियों के संरक्षण व उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.
बयान के राजनीतिक मायने भी अहम
दानिश आजाद अंसारी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वक्फ बोर्ड और वक्फ कानून को लेकर देशभर में चर्चा जारी है. ऐसे में उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होने की संभावना है. हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आना अभी बाकी है.
