यूपी में डेंगू के डर के बीच मलेरिया का वार, लखनऊ मंडल में 1084 केस, सीतापुर सबसे आगे

UP News: यूपी में बारिश और उमस के मौसम में बुखार का खतरा बढ़ गया है. चिंताजनक बात यह है कि लखनऊ मंडल में डेंगू के मुकाबले मलेरिया के मामले कहीं ज्यादा सामने आए हैं. 24 अगस्त तक मंडल के छह जिलों में मलेरिया के 1,084 और डेंगू के 135 मामले दर्ज किए गए हैं.

UP Dengue Malaria Cases: बारिश और उमस के मौसम में बुखार का खतरा बढ़ते ही यूपी में डेंगू को लेकर चिंता बढ़ रही है, लेकिन लखनऊ मंडल के आंकड़े कुछ और तस्वीर दिखा रहे हैं. यहां डेंगू से कहीं ज्यादा मलेरिया के मरीज सामने आए हैं. 24 अगस्त तक मंडल के छह जिलों में मलेरिया के 1,084 और डेंगू के 135 मामले दर्ज किए गए हैं. मलेरिया के मामलों में सीतापुर सबसे आगे है, जबकि डेंगू के मरीजों की संख्या लखनऊ \में सबसे अधिक है.

सीतापुर में मलेरिया का सबसे ज्यादा असर

मलेरिया के मामलों में सीतापुर सबसे आगे है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यहां 563 मरीज मिले हैं, जबकि हरदोई में 219 और लखनऊ में 212 मामले सामने आए. लखीमपुर खीरी में 75, उन्नाव में 14 और रायबरेली में एक मरीज मिला है. वहीं डेंगू के 135 मामलों में अकेले लखनऊ के 98 मरीज हैं. इसके बाद लखीमपुर खीरी और उन्नाव में 10-10, सीतापुर में नौ, हरदोई में छह और रायबरेली में दो मरीज मिले हैं.

शहरों में डेंगू, गांवों में मलेरिया का पैटर्न

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर घरों के आसपास जमा साफ पानी, कूलर, गमले, टायर और टंकियों में पनपता है, इसलिए शहरी इलाकों में इसके मामले अधिक दिखते हैं. दूसरी ओर, मलेरिया फैलाने वाला एनाफिलीज मच्छर खेतों, तालाबों के किनारे, बारिश के बाद बने गड्ढों और सिंचाई नालियों जैसे स्थानों में पनपता है. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया के मामले अपेक्षाकृत ज्यादा मिल रहे हैं. हालांकि, दोनों बीमारियां शहर और गांव दोनों जगह हो सकती हैं.

लखनऊ में डेंगू की निगरानी ज्यादा

लखनऊ जिले में इस साल 24 अगस्त तक 98 डेंगू और 212 मलेरिया मरीज मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राजधानी में बेहतर निगरानी और जांच की सुविधा के कारण भी डेंगू के अधिक मामले सामने आते हैं. आसपास के जिलों से इलाज के लिए लखनऊ पहुंचने वाले मरीज भी यहां के आंकड़ों में शामिल हो सकते हैं. जिले में सरकारी और निजी क्षेत्र की 26 लैब में एलाइजा जांच की सुविधा उपलब्ध है.

बुखार को वायरल समझकर न टालें

बारिश के मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को बुखार को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी है. तेज बुखार के साथ सिरदर्द, बदन या पेट दर्द, बार-बार उल्टी, खून आना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हों तो तुरंत जांच करानी चाहिए. घर, छत, कूलर, गमले और खाली प्लॉट में पानी जमा न होने देना भी जरूरी है. स्वास्थ्य विभाग ने मौसमी और वायरल बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है.

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By अंजली कश्यप

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