Uttar Pradesh Weather : यूपी में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है. कई जिलों में नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. कई जगह कच्चे मकान और दीवारें गिरने से हादसे हुए हैं. अवध के अलग-अलग जिलों में पिता-पुत्री समेत चार लोगों की मौत हो गयी. रायबरेली की ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना में जलभराव के कारण चार नंबर यूनिट बंद करनी पड़ी. दो नंबर यूनिट पहले ही बंद हो चुकी है, जबकि पांचवीं यूनिट अनुरक्षण के लिए पहले से बंद है. मंगलवार को प्रतापगढ़ में सबसे अधिक 147 मिमी और सोनभद्र में 140 मिमी बारिश दर्ज की गयी. मौसम विभाग ने 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अगले तीन से चार दिनों तक दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है.
कच्ची दीवार गिरने से चार लोगों की मौत
सीतापुर के कमलापुर में कच्ची दीवार गिरने से नेकराम और उनकी पुत्री लक्ष्मी की मौत हो गयी. अमेठी के बाजार शुकुल क्षेत्र के फुंदनपुर गांव में सात वर्षीय कोमल की जान चली गयी. वहीं, रायबरेली के जगतपुर में दीवार ढहने से अवधेश मौर्य की मौत हो गयी. लगातार बारिश से बहराइच, अंबेडकरनगर, गोंडा, सुल्तानपुर और बाराबंकी में भी लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.
जलभराव से ऊंचाहार एनटीपीसी की यूनिट बंद
रायबरेली की ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना में जलभराव के कारण चार नंबर यूनिट को बंद करना पड़ा. इससे पहले दो नंबर यूनिट भी बंद हो चुकी है. पांचवीं यूनिट अनुरक्षण के लिए पहले से बंद है.
बांदा में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, कई जिलों में स्कूल बंद
प्रयागराज में अगस्त के दौरान 631.6 मिमी और बांदा में 646 मिमी बारिश दर्ज की गयी. दोनों जिलों में वर्ष 1901 से अब तक अगस्त में इतनी बारिश कभी दर्ज नहीं की गयी. हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट में भी अगस्त की बारिश ने रिकॉर्ड बनाया है. पीलीभीत में पहाड़ों और नेपाल क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण मंगलवार को नदियां उफना गयीं. शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने और बनबसा बैराज से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया. हालात को देखते हुए डीएम ने आठवीं तक के सभी स्कूल बुधवार को बंद रखने के आदेश दिये हैं. पीलीभीत के अलावा प्रयागराज में भी स्कूल बंद करने की घोषणा हुई है. बुधवार सुबह सीतापुर में भी अवकाश घोषित कर दिया गया.
बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के क्षेत्र से सक्रिय रहा मानसून
बंगाल की खाड़ी में बने सात निम्न दबाव क्षेत्रों ने अगस्त में मानसून को लगातार सक्रिय रखा. प्रदेश में अगस्त के दौरान सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश दर्ज की गयी. इससे पहले वर्ष 2018 में अगस्त में 293.1 मिमी बारिश हुई थी. अतुल कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है. वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्यांचल में बारिश की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने की संभावना है.
गंगा, गोमती, सरयू और मंदाकिनी उफान पर
जोरदार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. चित्रकूट में मंदाकिनी और अवध के जिलों में सरयू लाल निशान के ऊपर बह रही है. प्रयागराज और कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से संकट पैदा हो गया है. पूर्वांचल में गंगा, गोमती और सरयू समेत अन्य नदियां उफान पर हैं. बुंदेलखंड के कई बांध भी पानी से लबालब हो गये हैं.
चित्रकूट : मंदाकिनी खतरे के निशान से साढ़े चार मीटर ऊपर
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर मंगलवार को एक बार फिर खतरे के निशान 126.50 मीटर को पार कर करीब साढ़े चार मीटर ऊपर पहुंच गया. रामघाट क्षेत्र फिर पानी में डूब गया. घाट किनारे बनी दुकानें, मकान, आश्रम और होटल जलमग्न हो गये. होटलों और आश्रमों में ठहरे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
अवध : सरयू कई जगह लाल निशान के ऊपर
बहराइच में सरयू खतरे के निशान को पार कर गयी है. अंबेडकरनगर में बीते 24 घंटे में सरयू का जलस्तर नौ सेंटीमीटर बढ़ा है. गोंडा में सरयू खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. सीतापुर में बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण हालात फिर बिगड़ने लगे हैं. बाराबंकी में नेपाल के बैराजों से छोड़े गये पानी के कारण सरयू उफान पर है. अयोध्या में सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद रामघाट पर अंतिम संस्कार करना भी मुश्किल हो गया है.
कानपुर : चार मोहल्लों में घरों तक पहुंचा पानी
कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से दक्षिण के चार मोहल्लों में पानी घरों तक पहुंच गया है. इससे करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित हुई है. कई परिवार घरों में ताला लगाकर पलायन कर गये हैं.
पूर्वांचल : बांधों के गेट खोले गये
सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर में बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है. इससे छोटी नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है और निचले इलाकों मे बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है.
बलिया : 50 से अधिक घरों में घुसा गंगा का पानी
बलिया में खतरे के निशान के ऊपर बह रही गंगा का पानी 50 से अधिक घरों में घुस गया है. सरयू भी खतरे के निशान को पार कर चुकी है. चंदौली में 60 गांवों से संपर्क टूट गया है. गाजीपुर में चार प्रमुख मार्गों पर गंगा की बाढ़ का पानी भर गया है. वहीं झांसी, ललितपुर, चित्रकूट, महोबा और छतरपुर के 42 प्रमुख बांधों में से 39 अपनी क्षमता के मुताबिक भर चुके हैं.
दक्षिण-पूर्व में ज्यादा बारिश के आसार
सितंबर के मासिक पूर्वानुमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना जतायी गयी है. दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है, जबकि मध्य और दक्षिणी हिस्सों में सामान्य बारिश के आसार हैं. हालांकि, सितंबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.
इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
इन इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका जतायी गयी है.
