UP Politics: लखनऊ में उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर गौ संरक्षण के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला. उन्होंने सपा शासन और योगी सरकार के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार में गाय और किसानों के हित को प्राथमिकता दी जा रही है. मंत्री ने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की गई और गौ संरक्षण के लिए कई व्यवस्थाएं लागू की गईं.
‘पहले गाय कसाई को देखकर कांपती थी’
धर्मपाल सिंह ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान गौ संरक्षण को लेकर स्थिति अलग थी. उनके मुताबिक, उस समय गायों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जबकि योगी सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं. उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि पहले “गाय कसाई को देखकर कांपती थी”, जबकि अब “कसाई गाय को देखकर कांपता है.” यह बयान उन्होंने सपा सरकार और वर्तमान व्यवस्था के बीच अंतर बताने के लिए दिया.
गोबर को लेकर भी अखिलेश पर तंज
पशुधन मंत्री ने अखिलेश यादव पर गोबर को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को गाय के गोबर में बदबू आती है, जबकि योगी आदित्यनाथ के लिए गोबर चंदन की तरह पवित्र है. धर्मपाल सिंह ने गाय के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए देसी गाय के दूध को भी महत्वपूर्ण बताया.
7,500 से ज्यादा गौ आश्रय केंद्रों का दावा
धर्मपाल सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में करीब 7,500 गौ आश्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां लगभग 13 लाख गोवंश के संरक्षण का दावा किया गया है. उन्होंने बताया कि सरकार ने गौवंश के भरण-पोषण के लिए दी जाने वाली राशि में भी बढ़ोतरी की है. उनके मुताबिक, पिछली व्यवस्था में 30 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की राशि थी, जिसे बढ़ाकर 50 रुपये किया गया है.
हरे चारे और गौशाला भूमि पर जोर
मंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में गौवंश के लिए हरे चारे की व्यवस्था को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि गौशालाओं की जमीन से अवैध कब्जे हटाए गए हैं. सरकार की कोशिश गौ आश्रय केंद्रों में चारे और पशुओं की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की है.
छह विभागों की संयुक्त व्यवस्था और तस्करी पर कार्रवाई
धर्मपाल सिंह ने बताया कि गौ संरक्षण से जुड़े मामलों में छह विभागों की संयुक्त समिति बनाई गई है. इसमें ग्राम्य विकास, पंचायती राज, राजस्व, पुलिस, पशुपालन और नगर विकास विभाग शामिल हैं. जिलाधिकारी को समिति का अध्यक्ष और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को संयोजक बनाया गया है. मंत्री ने कहा कि गोवंश की तस्करी के मामलों में कार्रवाई की जा रही है और सरकार का सिद्धांत “पशु सेवा अस्माकं धर्मः” है. यह भी देखें: UP ELECTION 2027: पश्चिमी यूपी में BJP का ‘ऑपरेशन 71’ शुरू! अनुभवी नेताओं को मिली कमान, जातीय गणित पर भी नजर
