UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं. इसी बीच 2024 लोकसभा चुनाव के विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़े सियासी चर्चा को नया आधार दे रहे हैं. खास तौर पर उन 115 विधानसभा सीटों का गणित अहम है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल के महीनों में विकास परियोजनाओं के कार्यक्रमों के जरिए पहुंचे हैं. इन 115 विधानसभा क्षेत्रों में 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान सपा-कांग्रेस गठबंधन 67 सीटों पर आगे रहा था, जबकि BJP 47 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाने में सफल रही. RLD एक सीट पर आगे थी. यानी इन 115 सीटों के पिछले लोकसभा चुनाव के विधानसभा-वार आंकड़े में विपक्षी गठबंधन की बढ़त अधिक थी.
67 बनाम 47 का आंकड़ा क्यों अहम?
2024 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में BJP की सीटें 2019 के 62 से घटकर 33 रह गईं, जबकि सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह लोकसभा सीटें जीतीं. इसी चुनाव के विधानसभा-वार आंकड़ों ने 2027 के लिए कई सीटों पर राजनीतिक दलों के सामने अलग तस्वीर रखी.
योगी ने क्यों बढ़ाई इन इलाकों में सक्रियता?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मई से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 75 में से 44 से ज्यादा जिलों का दौरा कर चुके हैं. इन दौरों में करीब ₹38,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास हुआ है. इनमें सड़क, स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी, पंचायत भवन और पर्यटन जैसी परियोजनाएं शामिल हैं.
अखिलेश के लिए भी यही आंकड़ा महत्वपूर्ण
सपा के लिए 67 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त का आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के गठबंधन की जमीनी स्थिति को दिखाता है. हालांकि इसे 2027 विधानसभा चुनाव का परिणाम या भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता. चुनाव से पहले गठबंधन, उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दे और सामाजिक समीकरण बदल सकते हैं.
