UP Panchayat Election 2026: लखनऊ में पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय प्रधान संगठन से जुड़े संभावित प्रत्याशियों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दारुलशफा से विधानसभा की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पंचायत चुनाव को लेकर अपनी मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनाव समय पर होना जरूरी है, ताकि ग्राम पंचायतों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया आगे बढ़ सके. प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया.
विधान भवन की ओर बढ़े प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका
प्रदर्शनकारियों ने विधान भवन का घेराव करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन भेज दिया गया. प्रदर्शन के दौरान पंचायत चुनाव जल्द कराने की मांग लगातार उठाई गई. संभावित प्रत्याशियों ने चेतावनी दी कि यदि समय पर पंचायत चुनाव नहीं कराए गए तो वे विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का फैसला ले सकते हैं. पंचायत चुनाव को लेकर लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन के बाद प्रदेश की चुनावी राजनीति में भी यह मुद्दा चर्चा में आ गया है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई जारी
इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई चल रही है. अदालत में पक्षकारों की दलीलें और मामले से जुड़े तथ्यों पर चर्चा की जा रही है. सुनवाई के दौरान कोर्ट मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं को देख रहा है. इस मामले पर कोर्ट की कार्यवाही के बीच अब अगली तारीख को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो गई है. संबंधित पक्षों की नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और आने वाले आदेश पर बनी हुई है. माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में मामले से जुड़े अहम बिंदुओं पर आगे की कार्रवाई हो सकती है.
अब 9 सितंबर को सुनवाई
यूपी पंचायत चुनाव से इस मामले में पहले तय तारीख पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन किसी कारणवश सुनवाई टल गई. अब अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी. सुनवाई टलने के बाद संबंधित पक्षों को अगली तारीख का इंतजार है. 9 सितंबर को होने वाली सुनवाई में मामले से जुड़े मुद्दों पर कोर्ट में आगे की कार्यवाही होगी. ऐसे में अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं और माना जा रहा है कि उस दिन मामले में महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर चर्चा हो सकती है.
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