UP News: स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में सुरक्षा एजेंसियों की एक कार्रवाई ने हलचल बढ़ा दी है. अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में बुधवार सुबह करीब तीन गाड़ियों से पहुंची टीम ने एक भाई-बहन को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई. दोनों के मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियां जांच के दायरे में बताई जा रही हैं. एजेंसियों को कथित तौर पर पाकिस्तान में मौजूद कुछ लोगों से संपर्क और संदिग्ध चैट की जानकारी मिली है. हालांकि,पाकिस्तान कनेक्शन या किसी देशविरोधी गतिविधि की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
सुबह-सुबह तीन गाड़ियों से पहुंची टीम, घर में मचा हड़कंप
परिजनों के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे तीन गाड़ियों में लगभग 10 लोग गांव पहुंचे. टीम ने घर में प्रवेश कर परिवार के लोगों से पूछताछ की और मोबाइल फोन समेत कई चीजों की जांच की. इसके बाद टीम बाकर (30) और उरूज फातिमा (32) को अपने साथ लेकर चली गई. उनकी एक नाबालिग बहन का मोबाइल फोन भी टीम ने कब्जे में लिया. परिजनों को कार्रवाई की पूरी वजह तत्काल नहीं बताई गई.
मोबाइल चैट और डिजिटल गतिविधियां जांच के घेरे में
रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां दोनों के मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही हैं. कथित तौर पर कुछ संदिग्ध चैट और वित्तीय लेन-देन भी जांच का हिस्सा हैं. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों किन लोगों के संपर्क में थे और क्या उनका पाकिस्तान में मौजूद किसी व्यक्ति से संपर्क था. अभी यह जांच का विषय है, आरोप सिद्ध नहीं हुआ है.
गांव से जुड़े पाकिस्तान लिंक की भी पड़ताल
जांच का एक पहलू गांव से जुड़े पुराने संबंध भी बताए जा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक गांव के कुछ लोगों के रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं. पाकिस्तान में मौजूद कुछ लोगों की जमीन गांव में होने की बात भी सामने आई है, जिसे शत्रु संपत्ति घोषित किए जाने का उल्लेख रिपोर्ट में है.इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं.
स्थानीय पुलिस को बाद में मिली कार्रवाई की जानकारी
इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी बाद में मिली. रिपोर्ट के मुताबिक बाद में एटीएस की कानपुर यूनिट के माध्यम से स्थानीय पुलिस को कार्रवाई के बारे में बताया गया. परिजनों का कहना है कि दोनों को ले जाए जाने के बाद काफी समय बीतने के बावजूद उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है. वहीं एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों और संपर्कों की जांच में जुटी हैं.
15 अगस्त से पहले कार्रवाई ने बढ़ाई हलचल
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है. हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की जांच अभी जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोनों के मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में आखिर क्या सामने आता है? क्या वास्तव में पाकिस्तान में मौजूद किसी व्यक्ति से संदिग्ध संपर्क था या मामला कुछ और है? इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.
