UP Crime News : मुरादाबाद में MBBS में एडमिशन दिलाने के नाम पर करीब 35 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है. कटघर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो सरकारी शिक्षकों समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. आरोप है कि आरोपियों ने अनाथ कोटे से मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का झांसा देकर पीड़ित परिवार से बड़ी रकम वसूली.
बेटे और भतीजे के एडमिशन का दिया भरोसा
शिकायतकर्ता राजीव कुमार सैनी के मुताबिक, उनके बेटे और भतीजे के MBBS में दाखिले के लिए आरोपियों ने उनसे संपर्क किया था. उन्हें देहरादून स्थित सुभारती मेडिकल कॉलेज में मैनेजमेंट कोटे से दाखिला कराने का भरोसा दिया गया. आरोपियों ने दोनों छात्रों का दाखिला अनाथ कोटे से कराने की बात कहते हुए करीब 35 लाख रुपये की मांग की. पीड़ित परिवार ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए रकम जुटाई. इसमें कुछ भुगतान बैंक ट्रांसफर और अन्य रिकॉर्डेड माध्यमों से किए जाने की बात सामने आई है.
एडमिशन के लिए पहुंचे तो खुला फर्जीवाड़ा
रकम देने के बाद आरोपियों की ओर से पीड़ित परिवार को कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराए गए. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जब परिवार दोनों छात्रों के एडमिशन के लिए सुभारती मेडिकल कॉलेज पहुंचा, तो कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. कॉलेज में जांच के दौरान दस्तावेजों के फर्जी होने की जानकारी मिली. इसके बाद परिवार को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है.
मकान बेचकर जुटाई थी रकम
राजीव सैनी का आरोप है कि उन्होंने बच्चों के भविष्य के लिए रकम जुटाने के लिए अपना मकान तक बेच दिया था. एडमिशन नहीं होने के बाद जब उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, तो कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और परिवार को धमकाया गया. पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है.
पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के मुताबिक, राजीव सैनी ने कटघर थाने में शिकायत दी थी. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 4-5 लोगों के एक गिरोह ने MBBS में दाखिला कराने के नाम पर करीब 18-19 लाख रुपये RTGS और अन्य रिकॉर्डेड माध्यमों से लिए. पुलिस के अनुसार, रकम लेने के बाद आरोपी दाखिला नहीं करा सके और कथित तौर पर अवैध तरीके अपनाने लगे. शिकायत के आधार पर दो सरकारी शिक्षकों समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
दस्तावेज और लेन-देन की जांच जारी
पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है. फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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