UP News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तार के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी हाईटेक होगी. यहां लंदन और दुबई एयरपोर्ट की तर्ज पर बायोमेट्रिक पहचान, स्मार्ट सर्विलांस, AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स, डिजिटल एक्सेस कंट्रोल और कॉन्टैक्टलेस सिक्योरिटी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. विस्तारीकरण के बाद एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता करीब तीन गुना बढ़कर एक करोड़ होने का अनुमान है.
विस्तारीकरण के साथ बदलेगा सुरक्षा का स्वरूप
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर नई टर्मिनल बिल्डिंग, टनल और रनवे का निर्माण कराया जा रहा है. ये काम दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद मौजूदा करीब 39 लाख यात्रियों की सालाना क्षमता बढ़कर करीब एक करोड़ हो जाएगी. यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा.
सीआईएसएफ की संख्या घटाने की तैयारी
वर्तमान में एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए CISF के करीब 450 कर्मचारी तैनात हैं. इनमें एक कमांडेंट, तीन असिस्टेंट कमांडेंट और 12 इंस्पेक्टर समेत अन्य रैंक के जवान शामिल हैं. नई सुरक्षा व्यवस्था लागू होने पर बल की संख्या करीब 300 तक किए जाने की तैयारी है. हालांकि, यदि विदेशों की तर्ज पर प्रस्तावित सुरक्षा मॉड्यूल लागू नहीं हुआ तो जवानों की संख्या बढ़ाकर करीब 650 तक भी की जा सकती है. अंतिम निर्णय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नए निर्देशों के बाद होगा.
एआई और बायोमेट्रिक से होगी निगरानी
नई व्यवस्था में एयरपोर्ट परिसर के अलग-अलग हिस्सों में लगे कैमरों की फीड को केंद्रीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से मॉनिटर किया जाएगा. AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स संदिग्ध गतिविधि, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश, लावारिस वस्तु या असामान्य व्यवहार जैसी स्थितियों को चिह्नित करने में मदद करेगा. कर्मचारियों, एजेंसियों और अधिकृत वाहनों के लिए डिजिटल एक्सेस कंट्रोल, स्मार्ट कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था भी की जाएगी.
लंदन, दुबई और अमेरिका की तर्ज पर सुविधाएं
एयरपोर्ट की सुरक्षा में आधुनिक सीटी स्कैनर, एक्स-रे बैगेज स्कैनिंग, बॉडी स्कैनर और विस्फोटक पहचानने वाली तकनीक शामिल की जाएगी. हीथ्रो एयरपोर्ट की तरह बायोमेट्रिक कैमरे और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम तथा दुबई एयरपोर्ट की तर्ज पर स्मार्ट गेट, फेस और आईरिस रिकॉग्निशन और कांटेक्टलेस सिक्योरिटी की व्यवस्था प्रस्तावित है. इससे यात्रियों को बार-बार पासपोर्ट या बोर्डिंग पास निकालने की जरूरत कम होगी.
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