UP News: अलीगढ़ मंडल के कई गांव अब अपने अजीबोगरीब नामों की वजह से चर्चा में हैं. सड़ा, अंडाला, ढिंगसोई और गदुआघंघौली जैसे नामों को लेकर स्थानीय स्तर पर असहजता की बात सामने आई है. अब इन गांवों की पहचान बदलने की तैयारी शुरू हो गई है. राजस्व परिषद के निर्देश के बाद अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज में ऐसे गांवों की सूची तैयार की जा रही है, जिनके नाम सामाजिक रूप से असहज माने जाते हैं. प्रशासन अब इनके लिए नए और उपयुक्त नामों का प्रस्ताव शासन को भेजेगा.
चार जिलों में तैयार हो रही सूची
अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों में ऐसे गांवों की पहचान की जा रही है. प्रशासन विशेष रूप से उन गांवों को सूची में शामिल कर रहा है, जिनके नाम अनुसूचित जाति की विभिन्न उपजातियों के आधार पर रखे गए हैं. अधिकारियों के स्तर से गांवों के नाम, उनके नामकरण के आधार और स्थानीय सामाजिक प्रभाव से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है.
डीएम को भेजा गया आधिकारिक पत्र
अलीगढ़ मंडल के अपर आयुक्त प्रथम अखिलेश यादव के मुताबिक, अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज के जिला मजिस्ट्रेटों को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है. आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद के आदेश के अनुसार ऐसे गांवों के लिए उपयुक्त और सामाजिक सौहार्द वाले नए नाम प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रत्येक गांव का अलग-अलग औचित्य सहित प्रस्ताव और स्पष्ट संस्तुति शासन को भेजी जाएगी.
प्रस्ताव में जुटाई जा रही ये जानकारियां
प्रशासनिक रिपोर्ट में गांव का वर्तमान नाम, उसके नामकरण का मूल आधार और स्थानीय स्तर पर उस नाम का सामाजिक प्रभाव शामिल किया जाएगा. यदि ग्रामीणों या स्थानीय स्तर पर किसी वैकल्पिक नाम का सुझाव दिया गया है, तो उसका विवरण भी प्रस्ताव में दर्ज होगा. संबंधित विभागों से जरूरी तथ्य और आंकड़े जुटाने के बाद प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाएगा.
इन गांवों के नाम भी सूची में शामिल
अलीगढ़ जिले में ढिंगसोई, गढ़मई, अइसी, अंडाला, अगोरना और गदुआघंघौली जैसे नामों वाले गांवों का भी उल्लेख किया गया है. इसके अलावा सड़ा, गडमई, नौहरी, पेंड्रा, गदा खेड़ा, गिदौरा, हररामपुर, जटवार, मुमरेजी, नगला फटोला, नगला जंगली, नगला जोतू, चौधाना, पखोदना, भुडांसी, भगौसा, छछेरी, चमरोला, चिरकुला, दुभिया, घासीपुर, हयातपुर, मादरखेड़ा, मैंमडी, पडकी, पडका और टुआमई समेत कई गांवों के नाम भी सूची में शामिल किए जा रहे हैं. अंतिम नाम परिवर्तन शासन स्तर पर प्रस्ताव और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा.
