पुलिस चौकी या तबेला? जिस भवन में बैठनी थी पुलिस, वहां बंध रही गाय-भैंस, चंदौली में तीन साल बाद भी नहीं बदली तस्वीर

UP News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पुलिस व्यवस्था की जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है. लौंदा पुलिस चौकी 20 साल से स्कूल के कमरे में संचालित हो रही है, जबकि निर्माणाधीन भवन में ग्रामीण मवेशी बांध रहे हैं. वहीं, सिकटिया में तैयार भवन भी खाली पड़ा है.

UP News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की योजनाओं की जमीनी हकीकत सवाल खड़े कर रही है. अलीनगर थाना क्षेत्र की लौंदा पुलिस चौकी करीब 20 वर्षों से प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में संचालित हो रही है. चौकी के लिए तीन साल पहले निर्माणाधीन भवन पर काम शुरू हुआ था, लेकिन भवन आज भी अधूरा पड़ा है. हालत यह है कि ग्रामीणों ने अधूरे भवन में गाय-भैंस बांधना शुरू कर दिया है. शनिवार को यहां नौ मवेशी बंधे मिले और पूरा परिसर गोबर व कीचड़ से भरा था. वहीं, सिकटिया में चौकी का भवन लगभग तैयार होने के बावजूद उसका संचालन शुरू नहीं हो सका है.

20 साल से स्कूल के कमरे में चौकी

अलीनगर थाना क्षेत्र की लौंदा पुलिस चौकी वर्ष 2006 से प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में चल रही है. करीब 20 वर्ष बीतने के बाद भी चौकी को स्थायी भवन नहीं मिल सका है. स्कूल परिसर में पुलिस चौकी संचालित होने से पुलिसकर्मियों के कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने की शिकायत है.

तीन साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं

समस्या को देखते हुए 18 जुलाई 2023 को तत्कालीन सीओ अनिरुद्ध सिंह ने चौकी भवन के निर्माण का शिलान्यास किया था. स्थानीय नागरिकों के सहयोग और चंदे से निर्माण शुरू हुआ. भवन पर लेंटर पड़ने के बाद काम बंद हो गया और तीन साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका. अब ग्रामीण अधूरे भवन का इस्तेमाल मवेशी बांधने के लिए कर रहे हैं.

अधूरे भवन में बंधे मिले नौ मवेशी

शनिवार को लौंदा पुलिस चौकी के अधूरे भवन परिसर में नौ मवेशी बंधे मिले. पूरे परिसर में गोबर और कीचड़ फैला था, जिससे उसकी स्थिति तबेले जैसी नजर आ रही थी. दूसरी ओर पुलिस चौकी अब भी प्राथमिक विद्यालय के कमरे से संचालित हो रही है. स्थानीय लोगों ने भवन का निर्माण जल्द पूरा कर चौकी को वहां स्थानांतरित करने की मांग की है.

सिकटिया में भवन तैयार, फिर भी चौकी बंद

अलीनगर थाना क्षेत्र के सिकटिया चौराहे पर 13 नवंबर 2021 को 19 वर्षीय विशाल पासवान की हत्या के बाद स्थायी पुलिस चौकी की मांग तेज हुई थी. लोगों की मांग और सहयोग के बाद 14 नवंबर 2023 को तत्कालीन सीओ अनिरुद्ध सिंह ने चौकी भवन का शिलान्यास किया. इसके बाद भवन का निर्माण कराया गया और अब यह लगभग पूरी तरह तैयार है. खिड़की-दरवाजे भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिसकर्मियों की तैनाती और चौकी का संचालन शुरू नहीं हुआ है.

बहादुरपुर में नए थाने की योजना भी अटकी

पड़ाव क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए बहादुरपुर में नया थाना स्थापित करने की योजना भी आगे नहीं बढ़ सकी है. 2 मार्च 2025 को तत्कालीन सीओ पीडीडीयूनगर आशुतोष ने बताया था कि शासन के आदेश से बहादुरपुर के नाम से जिले का 17वां थाना स्थापित किया जाएगा. इसके लिए बहादुरपुर पंचायत भवन के पीछे करीब डेढ़ बीघा जमीन पुलिस विभाग को उपलब्ध कराई गई थी. प्रस्तावित थाना पड़ाव-भूपौली मार्ग पर बनाया जाना था और इसमें करीब 27 ग्रामसभाओं को शामिल करने की योजना थी. हालांकि, इसके बाद निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल सामने नहीं आई.

एसपी बोले- जांच के बाद जरूरी पहल होगी

लौंदा और सिकटिया पुलिस चौकी का संचालन अब तक क्यों शुरू नहीं हो सका, इस पर चंदौली के एसपी आकाश पटेल ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोनों चौकियों के संचालन के लिए आवश्यक पहल की जाएगी.

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By खुशबू कुमारी

खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.

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