Sawan Security: सावन शुरू होते ही बाबा काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है. सावन के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं के साथ श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और विधि-विधान से पूजन किया. वहीं, लाखों श्रद्धालुओं के आगमन और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं. पूरे शहर को पांच जोन और 15 सेक्टर में बांटा गया है. करीब 5,000 पुलिसकर्मियों, पांच आईपीएस अधिकारियों और 50 राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती की गई है.
सीएम योगी ने तैयारियों की समीक्षा की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ धाम और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया. इस दौरान उन्होंने सावन मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए.
5 जोन और 15 सेक्टर में बांटा गया शहर
सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वाराणसी को पांच जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया गया है. प्रत्येक सेक्टर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. पुलिस लगातार संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही है.
5000 पुलिसकर्मी, पांच आईपीएस और 50 राजपत्रित अधिकारी तैनात
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए करीब 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इनके अलावा पांच आईपीएस अधिकारी और 50 राजपत्रित अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. सभी अधिकारियों को लगातार क्षेत्र का भ्रमण करने और किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
ड्रोन, सीसीटीवी और त्रिनेत्र प्रणाली से निगरानी
शहर के प्रमुख मार्गों, काशी विश्वनाथ धाम और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों और त्रिनेत्र प्रणाली के माध्यम से कंट्रोल रूम से पूरे शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त निगरानी बढ़ाई गई है.
गंगा घाटों पर विशेष सतर्कता, जल पुलिस और गोताखोर तैनात
सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए भी पहुंच रहे हैं. वहीं, गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जल पुलिस, पीएसी, बाढ़ राहत दल और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है. श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए डीप वॉटर बैरिकेडिंग भी की गई है.
कांवड़ मार्ग पर हर चार किलोमीटर पर पुलिस टीम
प्रयागराज से मोहनसराय तक कांवड़ियों के लिए एक लेन आरक्षित की गई है. पूरे मार्ग पर अस्थायी पुलिस बूथ, विश्राम स्थल और चिकित्सकीय सहायता केंद्र बनाए गए हैं. हर चार किलोमीटर पर पुलिस टीम तैनात है, ताकि किसी भी जरूरत की स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
सादे कपड़ों में भी तैनात हैं महिला और पुरुष पुलिसकर्मी
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में भी तैनात किया गया है. खोया-पाया केंद्र और पुलिस सहायता बूथ भी सक्रिय हैं, ताकि श्रद्धालुओं को तत्काल मदद मिल सके.
सोमवार को रहेगा विशेष भीड़ प्रबंधन
सावन के प्रत्येक सोमवार को बाबा काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है. इसे देखते हुए प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष भीड़ प्रबंधन योजना लागू की गई है. मंदिर प्रशासन ने इस दौरान वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन पर भी रोक लगाई है, ताकि आम श्रद्धालुओं को प्राथमिकता मिल सके.
यातायात व्यवस्था पर भी विशेष फोकस
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रैफिक जाम से बचने के लिए विशेष यातायात योजना लागू की गई है. जरूरत के अनुसार प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया जा रहा है. पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी यातायात सलाह का पालन करें और निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और यातायात व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. पुलिस ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस सहायता केंद्र या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से तुरंत संपर्क करें.
