UP News: पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश में साफ दिखाई देने लगा है. गंगा, यमुना समेत 10 नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि घाघरा और शारदा समेत चार नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. कई जिलों में कटान और जलभराव से जनजीवन प्रभावित है. मौसम विभाग ने रविवार को 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है.
नदी की कटान से बढ़ी मुश्किलें
बलिया में सरयू नदी की तेज कटान से एक सरकारी स्कूल और एक मकान नदी में समा गया. वहीं गोंडा में घाघरा नदी के उफान के कारण 100 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई. तटीय इलाकों में लोग अपने कच्चे मकानों को तोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं.
कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
सरयू और घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से सीतापुर, पीलीभीत, लखीमपुर और बहराइच के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. नदी के साथ बहकर आ रहे मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है.
बारिश से शहरों में जलभराव
शनिवार को हुई बारिश के बाद मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में जलभराव हो गया. ओपीडी और अस्पताल परिसर में घुटनों तक पानी भरने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा. कानपुर में कई सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं, जबकि ग्रेटर नोएडा में गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई.
25 जिलों में बारिश का अलर्ट
रविवार सुबह लखनऊ, आगरा और बाराबंकी समेत कई शहरों में मौसम साफ रहा और धूप खिली रही. हालांकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. वाराणसी, प्रयागराज समेत आठ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 27 जुलाई से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां फिर तेज होने और बारिश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है.
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