UP News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में खाकड़ा रिवर फ्रंट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि रिवर फ्रंट की दीवार तोड़कर वहां आने-जाने के लिए रास्ता बना दिया गया. इसके साथ ही गाटा संख्या 491 की ग्राम समाज की जमीन पर बिना नक्शा पास कराए तीन मंजिला भवन खड़ा करने का भी आरोप है. शिकायत में इस पूरे मामले में भू-माफिया के शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
सरकारी जमीन पर निर्माण का आरोप
शिकायत के मुताबिक, गाटा संख्या 491 ग्राम समाज की जमीन है. इसी जमीन पर तीन मंजिला भवन बनाए जाने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता का कहना है कि भवन का नक्शा भी पास नहीं कराया गया था. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सरकारी जमीन पर कथित निर्माण और इतनी बड़ी इमारत बनने के बावजूद संबंधित विभागों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी.
रिवर फ्रंट की दीवार को तोड़कर बनाया रास्ता
आरोप है कि दीवार तोड़कर रास्ता तैयार किया गया और इसके जरिए सरकारी जमीन तक पहुंच बनाई गई. पूरे मामले में भू-माफिया की भूमिका होने का भी आरोप लगाया गया है. हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
2022 में हुआ था रिवर फ्रंट का शिलान्यास
खाकड़ा रिवर फ्रंट का शिलान्यास वर्ष 2022 में गन्ना राज्य मंत्री संजय गंगवार और तत्कालीन जिलाधिकारी ने किया था. अब उसी परियोजना की दीवार तोड़कर रास्ता बनाए जाने की शिकायत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. खासकर यह सवाल उठ रहा है कि कथित निर्माण और अतिक्रमण की जानकारी प्रशासन को पहले क्यों नहीं हुई.
नोटिस के बाद भी निर्माण जारी रखने का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि भवन निर्माण को लेकर पहले भी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस दिया गया था, इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा. शिकायत सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. अब प्रशासन की जांच में यह स्पष्ट होगा कि ग्राम समाज की जमीन पर वास्तव में अतिक्रमण हुआ है या नहीं और रिवर फ्रंट की दीवार तोड़ने के मामले में किसकी भूमिका है.
