UP News: लखनऊ पुलिस ने दुबई से सोने की तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 203.92 ग्राम सोने का बुरादा भरा कैप्सूल बरामद हुआ है, जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है. जांच में सामने आया कि दुबई में फंसे एक भारतीय मजदूर को टिकट और अन्य खर्च देकर गिरोह ने सोना लाने के लिए कैरियर बनाया था.
लूट की शिकायत से खुला पूरा मामला
डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि बलिया के बेल्थरा रोड निवासी महबूब आलम ने 3 अगस्त को सरोजनीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. उसने बताया कि 27 जुलाई को दुबई से अमौसी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने उसे झांसा देकर कार में बैठाया और काफी देर घुमाने के बाद उसका ट्रॉली बैग लेकर आलमबाग बस अड्डे के पास छोड़कर फरार हो गए. शिकायत के बाद पुलिस ने करीब 130 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की.
दो आरोपी गिरफ्तार, सोने का कैप्सूल बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने बलरामपुर निवासी दीपक वर्मा और राम प्रताप दुबे को गिरफ्तार कर लिया. उनके कब्जे से महबूब आलम का सामान और 203.92 ग्राम सोने के बुरादे से भरा कैप्सूल बरामद हुआ. पुलिस के मुताबिक, गिरोह सोने के बुरादे को कैप्सूल में पैक कर शरीर के पिछले रास्ते (रेक्टम) से भारत भेजता था. पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब समेत कई राज्यों और खाड़ी देशों, विशेषकर दुबई में सक्रिय हैं और भारत आने वाले लोगों को लालच देकर तस्करी के लिए कैरियर बनाते हैं.
दुबई में फंसे मजदूर को बनाया था कैरियर
पुलिस के मुताबिक, महबूब आलम लंबे समय से दुबई में था और काम नहीं मिलने के कारण भारत लौटना चाहता था, लेकिन उसके पास टिकट के लिए पैसे नहीं थे. इसी का फायदा उठाकर गिरोह ने उसका हवाई टिकट और अन्य खर्च उठाया तथा उसे सोने का बुरादा भरा कैप्सूल देकर भारत भेजा. डीसीपी मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि मुख्य आरोपी अर्शदीप और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है. साथ ही महबूब आलम की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
