Lucknow Call Center Fraud: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में संचालित एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने यहां छापेमारी कर 12 युवकों और चार युवतियों समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि कॉल सेंटर से अमेरिकी नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर डराकर उनसे ठगी की जाती थी.
पहले कंप्यूटर में दिखाते थे फर्जी वायरस अलर्ट
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अमेरिकी नागरिकों के कंप्यूटर और लैपटॉप पर वायरस या सुरक्षा संबंधी समस्या का फर्जी पॉपअप और वार्निंग मैसेज दिखाते थे. इसके बाद पीड़ित जब मदद के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करते, तो उनकी कॉल लखनऊ के इस फर्जी कॉल सेंटर तक पहुंचती थी. आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट या ग्लोबल टेक्निकल सपोर्ट का प्रतिनिधि बताकर उनसे बात करते थे.
रिमोट एक्सेस लेकर बढ़ाते थे डर
पीड़ितों को समस्या ठीक करने का झांसा देकर आरोपी UltraViewer जैसे रिमोट-एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए उनके कंप्यूटर का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते थे. इसके बाद कंप्यूटर में पोर्नोग्राफी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी या ड्रग्स से जुड़ी अवैध गतिविधियों का डर दिखाया जाता था. पुलिस के अनुसार, इसके जरिए पीड़ितों पर कानूनी कार्रवाई या गिरफ्तारी का दबाव बनाया जाता था.
एजेंट, वेरिफायर और क्लोजर टीम में बंटा था काम
पुलिस की जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर में काम को अलग-अलग टीमों में बांटा गया था. एजेंट शुरुआती बातचीत करते थे, इसके बाद वेरिफायर कथित तौर पर पीड़ित से मिली जानकारी की पुष्टि करता था और क्लोजर टीम खुद को सरकारी अधिकारी बताकर डर का माहौल बनाती थी. इसके बाद गिफ्ट कार्ड, बैंक ट्रांसफर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे माध्यमों से रकम वसूले जाने का आरोप है. पुलिस ने कॉल सेंटर से कई लैपटॉप, हेडफोन, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है.
