कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का होगा कायाकल्प, 500 करोड़ से एम्स जैसा बनेगा परिसर

UP News: कानपुर का गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज ब्रिटिश काल की पुरानी इमारतों से निकलकर आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है. 500 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत एम्स जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. यह बदलाव मरीजों और छात्रों दोनों के लिए बड़ा तोहफा साबित होगा.

UP News: कानपुर नगर के प्रसिद्ध गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज तथा एलएलआर अस्पताल का ढांचा अब पूरी तरह बदलने जा रहा है. ब्रिटिश काल की पुरानी इमारतों के स्थान पर अब आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. उत्तर प्रदेश शासन ने इस कायाकल्प के लिए 500 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की है. प्राचार्य डॉक्टर संजय काला के अनुसार जल्द ही जीटी रोड के पास कई बहुमंजिला इमारतें बनेंगी, जिससे दूर से आने वाले मरीजों को इलाज में काफी सहूलियत प्राप्त होगी.

183 करोड़ से नौ मंजिला ओपीडी और 11 मंजिला रिसर्च सेंटर

संस्थान में 183.6 करोड़ रुपये की लागत से नौ मंजिला वातानुकूलित ओपीडी ब्लॉक निर्मित किया जाएगा. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की तर्ज पर तैयार होने वाले इस भवन में भूमिगत पार्किंग, कैंटीन एवं फिजियोथेरेपी केंद्र की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु प्रथम बार 11 मंजिला रिसर्च भवन बनाया जाएगा. इस विशेष इमारत में आधुनिक सेल कल्चर प्रयोगशाला और एनिमल हाउस जैसी उन्नत प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी, जहां वैज्ञानिक तथा छात्र नया शोध कार्य संपन्न कर सकेंगे.

पैरामेडिकल ब्लॉक, छात्रा हॉस्टल और शादीशुदा छात्रों के लिए विशेष आवास

शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु 49 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पैरामेडिकल ब्लॉक बनाया जा रहा है. संस्थान में संचालित 24 पाठ्यक्रमों के छात्रों को इससे पढ़ाई में आसानी होगी. इसके साथ ही 600 छात्राओं की क्षमता वाला आधुनिक हॉस्टल भी तैयार किया जाएगा. इसके अतिरिक्त पीजी स्तर के शादीशुदा विद्यार्थियों और सीनियर रेजीडेंट्स के लिए पहली बार 150 सीटों वाला विशेष छात्रावास निर्मित होगा, जिससे उनके आवास की समस्या का समाधान होना अब संभव हो सकेगा.

डॉक्टर और कर्मचारियों के लिए कैंपस में ही बनेंगे सर्वसुविधायुक्त फ्लैट्स

चिकित्सा महाविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए भी रिहायशी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. कर्मचारियों हेतु 11 मंजिला इमारत में टू और थ्री बीएचके फ्लैट्स बनाए जाएंगे. इसके साथ ही फैकल्टी सदस्यों के लिए टाइप 5 श्रेणी के सर्वसुविधायुक्त आवासों का निर्माण होगा. वर्तमान में आवासीय परिसरों की कमी के कारण कई डॉक्टरों को परिसर से बाहर रहना पड़ता था. कैंपस में ही आवास उपलब्ध होने से अब चिकित्सक सही समय पर अपनी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे.

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By शशांक शेखर मिश्रा

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