UP News: काकोरी ट्रेन एक्शन डे की 101वीं वर्षगांठ पर रविवार को काकोरी रेलवे स्टेशन देशभक्ति के रंग में नजर आया. इसी ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित ‘जरा याद करो कुर्बानी काकोरी ट्रेन एक्शन’ कार्यक्रम में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी और चंद्रशेखर आजाद समेत क्रांतिकारियों के साहस, त्याग और बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया. कार्यक्रम के जरिए नई पीढ़ी को काकोरी ट्रेन एक्शन के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया गया.
बच्चों ने क्यूब्स से बनाई शहीदों की तस्वीर
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण इनोवेशन फॉर चेंज पहल के तहत संचालित इनोवेटिव पाठशाला के 18 बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुति रही. वंचित वर्ग के इन बच्चों ने रूबिक्स क्यूब के रंगीन टुकड़ों को सलीके से सजाकर राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी की कलाकृतियां तैयार कीं. बच्चों की इस अनूठी पहल ने शहीदों को रचनात्मक श्रद्धांजलि देने के साथ देशभक्ति और नवाचार का संदेश भी दिया.
पुस्तिकाओं से नई पीढ़ी को बताया इतिहास
कार्यक्रम के दौरान काकोरी ट्रेन एक्शन और शहीद क्रांतिकारियों से जुड़ी जानकारी वाली पुस्तिकाएं भी लोगों को वितरित की गईं. आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के इस महत्वपूर्ण अध्याय से परिचित कराना रहा. इसके अलावा काकोरी रेलवे स्टेशन के भीतर और आसपास स्वतंत्रता सेनानियों के चित्रों वाले ‘नो पार्किंग’ साइनबोर्ड भी लगाए गए, ताकि स्टेशन आने-जाने वाले लोगों को क्रांतिकारियों की याद दिलाई जा सके.
बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाना उद्देश्य
बाला फाउंडेशन की संस्थापक प्रीति एम. शाह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य अमर शहीदों के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना को नई पीढ़ी में मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि वंचित वर्ग के बच्चों को स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, साहस और बलिदान से परिचित कराकर उन्हें देशभक्ति की इस विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया है. कार्यक्रम में काकोरी स्टेशन मास्टर विजय कुमार सिन्हा, आरपीएफ इंस्पेक्टर देवेश कुमार दीक्षित, इनोवेशन फॉर चेंज के संस्थापक हर्षित सिंह व विशाल कन्नौजिया समेत अन्य लोग मौजूद रहे.
रचनात्मक श्रद्धांजलि की हुई सराहना
कार्यक्रम में साइंसक्रिति एनजीओ के संस्थापक एवं ट्रस्टी मनीष शर्मा और पूर्णिमा समेत कई गणमान्य लोग भी शामिल हुए. मौजूद लोगों ने बच्चों की रूबिक्स क्यूब से बनाई गई शहीदों की तस्वीरों की सराहना की. आयोजन के माध्यम से काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करने के साथ उनके विचारों और देश के लिए किए गए संघर्ष को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया.
