UP News: जिले के बहुचर्चित आदित्य हत्याकांड में करीब सात साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. जिला एवं सत्र न्यायालय ने सपा नेता और पूर्व जिलाध्यक्ष आरपी यादव, सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव समेत 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. वहीं, पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दो आरोपियों को बरी कर दिया गया. मामला वर्ष 2019 का है. सोमू ढाबे पर विवाद के बाद डी फार्मा छात्र आदित्य सिंह की हत्या कर दी गयी थी. घटना के बाद पूरे रायबरेली में सनसनी फैल गयी थी. पुलिस जांच के बाद मामला अदालत पहुंचा और लंबे समय तक सुनवाई चली.
13 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 13 गवाह पेश किये. गवाहों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अन्य सबूतों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने 14 आरोपियों को दोषी माना और सभी को उम्रकैद की सजा सुनायी. वहीं, अभिषेक सिंह और आरके यादव को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया.
फैसला सुनते ही छलक पड़े बहन के आंसू
अदालत में फैसला सुनाये जाने के दौरान भावुक माहौल रहा. सजा की घोषणा होते ही मृतक आदित्य की बहन की आंखों से आंसू छलक पड़े. परिवार लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए हुए था. अदालत के फैसले के बाद परिजनों ने इसे न्याय की जीत बताया.
आरपी यादव ने फैसले को दी चुनौती देने की बात
उम्रकैद की सजा पाने वालों में पूर्व सपा जिलाध्यक्ष आरपी यादव भी शामिल हैं. फैसले के बाद उन्होंने खुद को साजिश का शिकार बताते हुए ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है.
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