Gorakhpur Electricity News: गोरखपुर के राप्तीनगर न्यू सब-स्टेशन के प्लिंथ से 400-400 केवीए के दो ट्रांसफार्मर गायब मिलने के मामले में तत्कालीन JE मोहनलाल को सस्पेंड कर दिया गया है. सस्पेंशन के दौरान उन्हें टेस्टिंग डिवीजन से अटैच किया गया है. विभागीय जांच में ट्रांसफार्मर गायब होने का मामला सामने आया था.
मई की चेकिंग में खुली थी पोल
मई में हुई विभागीय चेकिंग के दौरान मिलेनियम सिटी के तिकोना पार्क और इंद्रप्रस्थनगर पार्ट-2 में सिर्फ प्लिंथ बने मिले थे, जबकि वहां ट्रांसफार्मर मौजूद नहीं थे. इसके अलावा अलग-अलग क्षमता के आठ और ट्रांसफार्मर खराब हालत में मिले थे. जांच में सामने आया कि पिछले साल दिसंबर से बदले गए कुल 36 ट्रांसफार्मर स्टोर में जमा नहीं कराए गए थे. इनमें राप्तीनगर के ये दोनों ट्रांसफार्मर भी शामिल थे.
कार्रवाई की भनक लगते ही कराया इंस्टॉल
कार्रवाई की भनक लगने के बाद JE ने सोमवार को दोनों ट्रांसफार्मरों का बंदोबस्त किया. इसके बाद मंगलवार तड़के खाली पड़े प्लिंथ पर दोनों ट्रांसफार्मर इंस्टॉल भी करवा दिए गए. जिस समय ये ट्रांसफार्मर गायब हुए, उस समय उपकेंद्र की कमान JE मोहनलाल के पास ही थी. फिलहाल वह धर्मशाला सब-स्टेशन पर तैनात थे.
तीन नोटिस के बाद हुई निलंबन की कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक राप्तीनगर के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने JE को 23 मई और 19 जून को नोटिस जारी किए थे. इसके बाद 10 अगस्त को आखिरी नोटिस दिया गया, जिस पर जेई ने अपना जवाब दाखिल किया था. विभागीय जांच में मामला सामने आने के बाद संबंधित JE मोहनलाल को तीन बार कारण बताओ नोटिस भेजे गए थे. इसके बावजूद मामले को लेकर विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की.
जांच जारी, शामिल लोगों पर भी होगा एक्शन
अधीक्षण अभियंता रणजीत चौधरी ने बताया कि मामला गंभीर था, इसलिए निलंबन की कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है और इसमें जो भी शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. साथ ही सभी इंजीनियरों को व्यवस्था सही रखने की सख्त हिदायत दी गई है.
